आसमान छूने निकली बेटी कफन में लौट आई, नगनथोई की अंतिम यात्रा में हर दिल से निकले आंसू, सिसक उठा पूरा मणिपुर
इम्फाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का माहौल गमगीन था। हर आंख नम थी, जब मणिपुर की होनहार बेटी कोंगब्रेलटपम नगनथोई शर्मा (Kongbrailatpam Nganthoi Sharma) का पार्थिव शरीर अपने घर लौटा। वह वही नगनथोई थी, जिसने बचपन से सपने देखे थे- आसमान को छूने के। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश में नगनथोई ने अपनी जिंदगी खो दी। आज वह अपने लोगों के बीच लौट आई- मगर सिर्फ अंतिम विदाई के लिए।
एयरपोर्ट डायरेक्टर की भावुक श्रद्धांजलि
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डायरेक्टर, चिपेम्मी केशिंग (Chipemmi Keishing) ने नगनथोई और उनके साथी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि, एयरपोर्ट की पूरी टीम अपनी बेटी को सम्मान देने की पूरी कोशिश कर रही है। ये हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है।'

उन्होंने नम आंखों के साथ कहा कि, 'दोनों अपने करियर की शुरुआत पर थे। दुर्भाग्य से उनकी जिंदगी इतनी जल्दी छिन गई। यह नुकसान सिर्फ एयरलाइन सेक्टर का नहीं, बल्कि पूरे मणिपुर का है।'
श्रद्धांजलि के लिए सड़क पर उमड़ा जनसैलाब
इम्फाल (Imphal) में रविवार को गहरा सन्नाटा था। चारों ओर सिर्फ दुख और शोक की लहर थी, जब नगनथोई शर्मा का पार्थिव शरीर मणिपुर की धरती पर लौटा। सड़क के दोनों किनारों पर हजारों लोग कतारों में खड़े होकर इस बहादुर बेटी को अंतिम सलाम कर रहे थे।
इम्फाल एयरपोर्ट टीम ने फेसबुक लिखी पोस्ट
इम्फाल एयरपोर्ट ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि, 'ये पल बेहद भावुक था। उसे गहरे सम्मान, सच्ची श्रद्धा और भारी मन से रिसीव किया गया। वो हमारे लिए सिर्फ एक साथी नहीं थी, बल्कि परिवार का हिस्सा थी। हम सब चुपचाप और झुके सिर से उसकी विदाई में शामिल थे।' उसका पार्थिव शरीर इंडिगो फ्लाइट से इम्फाल लाया गया। एयरपोर्ट पर अफसरों, परिवारजनों और अन्य लोगों ने फूलों से श्रद्धांजलि दी। उसका पार्थिव शरीर लेने अहमदाबाद गईं उसकी बड़ी बहन और पिता भी साथ लौटे।
दूसरी बेटी की विदाई
मणिपुर की ही एक और बेटी लामनुनथेम सिंगसन (Lamnunthem Singson) भी उसी विमान हादसे की शिकार हुई थीं, उनके पार्थिव अवशेष 19 जून को मणिपुर लाए गए। उनका अंतिम संस्कार अगले दिन कांगपोकपी जिले में किया गया।












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