राष्ट्रपति चुनाव: ये है नामांकन की प्रक्रिया, हर कोई नहीं कर सकता नामांकन
नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव का बिगुल बज चुका है। बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जिसके साथ चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह बात सभी को पता है कि राष्ट्रपति का चुनाव देश के सबसे बड़े पद का चुनाव होता है।
एक समय था जब इस चुनाव में कई लोग बेमतलब अपना नामांकन करा देते थे। हालांकि अब ऐसा नहीं हो सकता। कानून में संशोधन में किए जाने के बाद अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकता।

इतने प्रस्तावकों की है जरूरत
अब किसी भी प्रत्याशी को कम से कम 50 प्रस्तावकों (जो उसके मतदाता भी होंगे) की जरूरत होगी। बता दें कि प्रस्तावकों में राज्यों की विधानपरिषद के विधायक, लोकसभा के सांसद और राज्यसभा के सांसद शामिल हो सकते हैं।
यही लोग मतदान भी करेंगे। जब राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी नामांकन करेगा तो उसे अपने दस्तावेजों के साथ 15,000 रुपए भी जमा कराने होंगे।
ये है प्रस्तावकों के वोट की वैल्यू
बता दें कि राष्ट्रपति इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा चुने जाते हैं। इस कॉलेज में 776 लोकसभा और राज्यसभा सदस्य हैं, और 4,120 विधायक हैं। मनोनीत सदस्य और एमएलसी वोट करने के लिए योग्य नहीं हैं। कुल वोट मूल्य 1,09,8,882 है। 1971 की जनगणना के अनुसार प्रत्येक विधायक का वोट राज्य की आबादी के बराबर मूल्य है।
बाकी तारीखें हैं यहां...
बता दें कि नामांकन भरने की आखिरी तिथि 28 जून 2017 है। साथ ही नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 29 जून 2017 को की जाएगी और नामांकन पत्र को वापस लेने की तिथि 1 जुलाई 2017 है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि यदि चुनाव आवश्यक हुआ तो 17 जुलाई 2017 को होगा। मतगणना का समय सुबह 10 बजे से 5 बजे तक ही होगा। उन्होंने कहा कि मतगणना 20 जुलाई (गुरूवार) को संपन्न होगी।












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