Epstein Files: देश को मिल सकता है नया PM? पृथ्वीराज चव्हाण की भविष्यवाणी, दावा- इस राज्य से बनेगा प्रधानमंत्री
Prithviraj Chavan on Next India Prime Minister: अमेरिका में खुलने जा रही एपस्टीन फाइल (Epstein Files) को लेकर भारत की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की एक भविष्यवाणी ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। उनका दावा है कि 19 दिसंबर के बाद देश की राजनीति में ऐसा बड़ा उलटफेर हो सकता है, जिससे प्रधानमंत्री बदलने तक की नौबत आ सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि अगला प्रधानमंत्री एक मराठी व्यक्ति हो सकता है।
19 दिसंबर को क्यों अहम बता रहे हैं पृथ्वीराज चव्हाण
पृथ्वीराज चव्हाण का कहना है कि अमेरिका में 19 दिसंबर को एपस्टीन फाइल से जुड़ी अहम जानकारी सार्वजनिक होने वाली है। उनके मुताबिक, इसका असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत की राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि एपस्टीन फाइल खुलते ही भारतीय राजनीति के भीतर बड़े स्तर पर उथल पुथल मच सकती है।

🟡 पृथ्वीराज चव्हाण का अब दावा पढ़िए
1 दिसंबर 2025 को पृथ्वीराज चव्हाण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाया था कि अमेरिकी कांग्रेस द्वारा एपस्टीन फाइल जारी किए जाने के बाद भारतीय राजनीति में क्या होगा। इसी ट्वीट के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया। चव्हाण का कहना है कि इस खुलासे से सत्ता के शीर्ष स्तर पर बदलाव संभव है।
🟡 पीएम इस्तीफे पर क्या बोले पृथ्वीराज चव्हाण?
हालांकि बाद में एक वीडियो बयान में पृथ्वीराज चव्हाण ने यह साफ किया कि उन्होंने यह नहीं कहा था कि 19 दिसंबर को ही प्रधानमंत्री का इस्तीफा हो जाएगा। उनका कहना है कि बदलाव तुरंत नहीं, लेकिन बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने अपने दावे को दोहराते हुए कहा कि एक महीने के भीतर देश को एक मराठी प्रधानमंत्री मिल सकता है और वे इस बात पर अब भी कायम हैं। उनका दावा है कि देश का अलग पीएम महाराष्ट्र से हो सकता है।

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ''मैंने ये नहीं कहा था कि वो 19 दिसंबर को देश के पीएम का इस्तीफा हो ही जाएगा। मैंने कहा था कि ऐसा बहुत जल्द होने वाला है। मैंने दावा किया था कि कोई मराठी शख्स ही देश का अगला पीएम होगा। मैं अपने इस दावे के साथ खड़ा हूं। एक महीने के अंदर मराठी आदमी हमारे देश का प्रधानमंत्री हो सकता है।''
🟡 पृथ्वीराज चव्हाण का दावा- भारत के 3 बड़े सांसदों का नाम आ रहे हैं!
पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि अमेरिकी सोशल मीडिया पर भारत के तीन बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। उन्होंने इन नेताओं के नाम नहीं लिए, लेकिन इतना जरूर कहा कि ये तीनों देश के बड़े सांसद हैं और अहम पदों पर हैं। उनका कहना है कि यही वजह है कि एपस्टीन फाइल का असर भारत की राजनीति में भी दिख सकता है।
पृथ्वीराज चव्हाण ने आगे कहा, ''अमेरिका में जो एपस्टीन फाइल का मुद्दा बना हुआ है, अमेरिकी संसद में विशेष कानून बनाया है। 19 नवंबर को उसपर साइन करके कानून बनाया गया था। आप सोचिए ये अमेरिका की कितनी बड़ी घटना है, जिसके लिए अमेरिका को कानून लाना पड़ा है। इसमें साफ-साफ लिखा था कि 30 दिनों के भीतर सरकार के पास जो भी कागज है,वो सबके सामने होगा। ट्रंप की सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है, उनकी पार्टी ने ही ये कानून पास किया था। अमेरिकी सोशल मीडिया में इस मामले में भारत के तीन बड़े राजनीतिकों के नाम आ रहे हैं, मैं उन तीनों नेताओं के नाम नहीं लूंगा...लेकिन वो तीनों नेता देश के बड़े सांसद हैं और बड़े पदों पर हैं।''
उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राऊत ने भी दावा किया है कि 19 दिसंबर को देश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। उनके मुताबिक सत्ता के समीकरणों में बड़ा बदलाव संभव है। विपक्ष की उम्मीदें हकीकत बनेंगी या नहीं, इसका जवाब अब 19 दिसंबर 2025 को सामने आएगा।
🟡 #EpsteinFiles कर रहा है ट्रेंड, क्या है ये एपस्टीन फाइल?
आज 19 दिसंबर को एक्स पर सुबह से ही #EpsteinFiles टॉप ट्रेंड कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के लिए "एपस्टीन फाइल्स" लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थीं। दिवंगत यौन अपराधी और फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। एपस्टीन के अपराधों और उनसे जुड़ी संघीय जांच में क्या सामने आया, इस पर पारदर्शिता की मांग तेज होती जा रही थी।
यह दबाव सिर्फ विपक्ष की ओर से ही नहीं था, बल्कि ट्रंप के अपने समर्थकों और रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से भी आवाजें उठने लगी थीं। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि जनता को यह जानने का हक है कि एपस्टीन मामले में सरकार के पास क्या जानकारियां हैं। शुरुआती हफ्तों तक ट्रंप इस मांग का विरोध करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2025 में ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से अपील की कि वे एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने के पक्ष में वोट करें। इसके बाद अमेरिकी संसद के दोनों सदनों, सीनेट और प्रतिनिधि सभा, ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिकी न्याय विभाग को एपस्टीन जांच से जुड़ी सभी फाइलें जारी करनी होंगी।
19 नवंबर को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने उस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे फाइलों को सार्वजनिक करने का रास्ता साफ हो गया है। अब न्याय विभाग के पास 30 दिन का समय है। हालांकि, जिन दस्तावेजों से चल रही आपराधिक जांच प्रभावित हो सकती है, पीड़ितों की पहचान उजागर होती है, उनकी निजता भंग होती है या जिनमें यौन शोषण, बच्चों से जुड़े अपराध, मौत या हिंसा की तस्वीरें हैं, उन्हें जारी नहीं किया जाएगा।
🟡 क्या सच में बदल जाएगा सियासी समीकरण
फिलहाल पृथ्वीराज चव्हाण के दावे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। एपस्टीन फाइल से क्या खुलासे होंगे और क्या इसका असर भारत की सत्ता तक पहुंचेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। 19 दिसंबर के बाद आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि यह भविष्यवाणी सिर्फ बयान है या सच में कोई बड़ा राजनीतिक भूचाल आने वाला है।
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