नया संसद भवन बनने पर पुराने वाले का क्या होगा? नई इमारत किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं
New Parliament Building: भारत का नया संसद भवन नई दिल्ली में संसद मार्ग पर निर्माणाधीन है। यह भवन भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है।

New Parliament Building: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन का औचक दौरा किया और विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया और साथ ही निर्माण श्रमिकों के साथ बातचीत भी की। प्रधानमंत्री ने भवन के अंदर एक घंटे से अधिक समय बिताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ पीएम मोदी ने संसद के दोनों सदनों में हो रही सुविधाओं का जायजा लिया। बता दें कि नया संसद भवन बनकर लगभग तैयार हो गया है। लेकिन सवाल अब यह है कि पुराने संसद भवन का क्या होगा? क्यों बनाया जा रहा नया संसद भवन?

सबसे पहले क्यों बनाया जा रहा है नया संसद भवन?
केंद्र सरकार के अनुसार संसद में काम का बोझ बढ़ता जा रहा है जिससे और भी कर्मचारियों की आवश्यकता है। इन कर्मचारियों के लिए पुराने संसद भवन में पर्याप्त जगह नहीं है इसलिए अब नई इमारत के निर्माण की ज़रूरत महसूस की जा रही है। पुराना संसद भवन 96 साल पुराना है और अत्याधुनिक सुविधाओं की भी कमी है।

पुराने संसद भवन का क्या होगा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा संसद भवन का इस्तेमाल संसदीय आयोजनों के लिए किया जाएगा। साथ ही अन्य सरकारी कामों के लिए उपयोग किया जा सकता है। पुराने संसद भवन का निर्माण 1921 में शुरू हुआ था। ये छह साल में बनकर तैयार हुआ था। तब इसके निर्माण पर 83 लाख रुपए खर्च हुए थे। इसका उद्घाटन 18 जनवरी 1927 को तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन ने किया था।

नए संसद भवन की डिजाइन
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा नए संसद भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। लोकसभा में 888 सीटें होने की उम्मीद है और इसका डिजाइन मोर की थीम पर आधारित है। कमल की थीम पर आधारित राज्यसभा में 384 सीटें होंगी। सरकार ने कहा है कि नई संसद में लकड़ी के ढांचे का व्यापक उपयोग होगा। नए भवन के फर्श में उत्तर प्रदेश के भदोही से हाथ से बुने हुए कालीन होंगे। आर्किटेक्ट बिमल पटेल के नेतृत्व में अहमदाबाद स्थित एचसीपी डिजाइन, योजना और प्रबंधन द्वारा डिजाइन की गई इमारत को मौजूदा संसद भवन के बगल में बनाया गया है।

64,500 वर्ग मीटर में फैला होगा और 13,450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
त्रिकोण के आकार में बन रहा नया संसद भवन 64,500 वर्ग मीटर में फैला होगा। नए संसद भवन में 1,224 सांसदों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। नए संसद भवन में हर सांसद का अपना अलग से ऑफिस भी होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 13,450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

1125 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था
यहां पर पार्किंग लॉट बनाया गया है। इस लॉट में 1,125 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगे। इसके अलावा इंडिया के पास भी पार्किंग के लिए स्पेस है। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में 3.90 लाख वर्ग मीटर का ग्रीन एरिया है. लोगों के टहलने के लिए 15.5 किमी लंबा रास्ता तैयार किया गया है।












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