Indian Railways:नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 200 रुपये तक देने पड़ सकते हैं एंट्री चार्ज,पूरी लिस्ट देखें
नई दिल्ली, 5 दिसंबर: अगर आपको अपनी कार या कैब से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अजमेरी गेट की तरफ से पिकअप-ड्रॉपिंग लेन वाला एंट्री चार्ज फिर से बहाल हो गया है। यह शुल्क कोविड महामारी के दौरान बंद कर दिया गया था, लेकिन अब ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए उत्तर रेलवे ने इसे फिर से बहाल कर दिया है। इसकी जानकारी खुद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दी है। पिकअप-ड्रॉपिंग वाली लेन में वाहन ले जाने के लिए समय के हिसाब से रेट तय किए गए हैं, आप झटका ना खा जाएं, इसलिए यह खबर पढ़ लेना बहुत जरूरी है।

पार्किंग लेन में गाड़ी की एंट्री पर देना होगा चार्ज
अगर आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अजमेरी गेट की तरफ से अपनी गाड़ी से किसी को पिकअप या ड्रॉप करने जा रहे हैं तो आप पार्किंग लेन में बिना कोई शुल्क दिए 8 मिनट से ज्यादा नहीं ठहर सकते हैं। हालांकि कमर्शियल वाहनों को 8 मिनट तक भी रुकने के लिए बतौर एंट्री फीस 30 रुपये देने होंगे। इसलिए, इन दिनों टैक्सी और कैब वाले यात्रियों को एंट्री गेट से पहले ही उतरने के लिए कह रहे हैं या फिर उन्हें लगने वाला चार्ज भी भुगतान करने की शर्त लगा रहे हैं। उत्तर रेलवे ने पार्किंग लेन में अनाधिकृत गाड़ियों के जमावड़े को रोकने के लिए प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों से एंट्री फीस फिर से वसूलना शुरू कर दिया है।

पार्किंग लेन में जाम की समस्या के लिए लगाया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, 'ट्रैफिक मूवमेंट को मैनेज करने के लिए और अनाधिकृत गाड़ियों की पार्किंग को रोकने के लिए, जिससे कि पार्किंग लेन में जाम लग जाता है, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रति वाहन एंट्री फीस (पीकअप और ड्रॉफ) लगाई गई है।' बता दें कि उत्तर रेलवे ने पिछले साल मार्च में ही ऐक्सेस-कंट्रोल पार्किंग सिस्टम की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में कोविड महामारी के बाद इसे रोक दिया गया था।

पार्किंग लेन में वाहन से लिए जाने वाले शुल्क की दर
इस नियम की शुरुआत के बाद नई दिल्ली स्टेशन पर अजमेरी गेट साइड में वाहनों की एंट्री फीस इस तरह से हो गई है:-
8 मिनट तक निजी वाहनों को पिकअप-ड्रॉप लेन में एंट्री के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। लेकिन, कमर्शियल वाहनों को 30 रुपये भुगतान करने पड़ेंगे। 8 से 15 मिनट तक के लिए निजी और कमर्शियल दोनों वाहनों को 50 रुपये देने होंगे। जबकि 15 मिनट से 30 मिनट के लिए 200 रुपये चुकाने पड़ेंगे। रेल मंत्री ने कहा कि '30 मिनट से ज्यादा पिकअप या ड्रॉपिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। बहरहाल, जो यात्री आधे घंटे से ज्यादा अपनी गाड़ी को पार्क करना चाहते हैं, तब वे अधिकृत पार्किंग क्षेत्र में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं, जिसकी रेट फिक्स है।'

बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ रेलवे का अभियान शुरू
इस बीच रेलवे ने बिना टिकट ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर भी लगाम कसनी शुरू कर दी है। दरअसल, पिछले लगभग डेढ़ साल से ट्रेनें सीमित संख्या में स्पेशल टैग के साथ चल रही थीं। अब रेलवे ने अपनी सेवाओं को सामन्य करना शुरू किया है। इससे रेल यात्रियों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। लिहाजा बिना टिकट यात्रियों की चेकिंग भी बढ़ गई है। अकेले नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जयपुर डिविजन में नवंबर महीने में अनाधिकृत रूप से सफर करने के 49,962 मामले सामने आए हैं, जिनसे 2.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

बिना टिकट वालों पर कार्रवाई से रेलवे की बढ़ी कमाई
यह अभियान ईस्ट सेंट्रल रेलवे में भी चला है और एक महीने में साढ़े तील लाख से ज्यादा यात्री बिना टिकट पकड़े गए हैं और उनसे 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई रेलवे को हुई है। आने वाले दिनों में ऐसे और अभियान चलाए जाने की संभावना है, इसलिए सही टिकट लेकर ही ट्रेन की यात्रा करें और कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन अवश्य करें।












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