राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022 पारित
राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का नाम बदलकर भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र करने के लिए 'नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022' पारित किया गया है।

Winter Session of Parliament: संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। ऐसे में बुधवार को राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थतम केंद्र संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का नाम बदलकर भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र करने के लिए 'नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022' पारित किया गया है।
संसद ने विधेयक को लेकर की चर्चा में सरकार ने भरोसा दिलाया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र के अधिकार, स्वतंत्रता और साख से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिसके बाद राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बता दें कि यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित किया जा चुका है।
राज्यसभा में विधेयक पर की गई चर्चा का जवाब देते हुए विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने भाषण में कहा कि सरकार इस बात से पूरी तरह सहमत है कि मध्यस्थता केंद्र पूरी तरह से स्वतंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस केंद्र में सरकार का प्रभाव होगा तो यह निश्चित रूप से आकर्षक नहीं बन पाएगा। उन्होंने कहा कि आखिर लोग वहां क्यों आएंगे जब उन्हें मालूम होगा कि (वहां) सरकार का गंभीर प्रभाव है? हमने इस बात का बहुत ख्याल रखा है।
कानून मंत्री ने सदन में भरोसा दिलाते हुए कहा कि मैं सदन को आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र के अधिकार, स्वतंत्रता और साख से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि 7 दिसंबर से चल रहे संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को 7वां दिन था। ऐसे में तवांग में चीन से टकराव के मुद्दे पर दोनों सदनों में विपक्षी दलों का हंगामा देखने को मिला।












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