इन्क्युबेटर में हुआ तेज धमाका और खत्म हो गई 10 मिनट पहले पैदा हुई बच्ची
पुणे। पुणे में एक हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। एक नन्हीं सी जान ने 10 मिनट पहले जन्म लिया था और उसे हॉस्पिटल के इन्क्युबेटर में रखा गया था। लेकिन शॉर्ट सर्किट की वजह से इन्क्युबेटर में ब्लास्ट हो गया और मासूम की मौत हो गई। बच्ची इस घटना में बुरी तरह झुलस गई थी। एक परिवार अपने घर में बच्चे की किलकिरी का इंतजार कर रहा था, इस घटना के बाद से घर में मातम छा गया है।

पुणे के वात्सल्य हॉस्पिटल में कांच की पेटी (इन्क्युबेटर) में आग लगने से नवजात शिशु गंभीर रुप से घायल हो गया था। इस घटना में नवजात 90 प्रतिशत जल गया था। बच्चे की बुधवार देर को पुणे के ससून हॉस्पिटल में मौत हो गई। इस मामले में नवजात शिशु के पिता विजेंद्र कदम (उम्र 30) ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
विजेंद्र ने बताया कि उसकी शादी दिसंबर 2016 में स्वाती के साथ हुई थी। विजेंद्र और लता का यह पहला बच्चा था। इस बच्चे को लेकर दोनों ने काफी सपने देख रखे थे। विजेंद्र एक रिक्शाचालक है। विजेंद्र ने बताया कि 6 महीने से वात्सल्य हॉस्पिटल में अपनी पत्नी का इलाज करवा रहे थे। सोमवार की सुबह 7.45 बजे स्वाती ने एक प्यारी से बच्ची को जन्म दिया। घर में खुशियों की जैसे बहार आ गयी हो, डॉक्टर ने घरवालों को बताया कि बच्ची को सांस लेने में थोड़ी तकलीफ हो रही है। इसलिए बच्ची को इन्क्युबेटर में रखा जाएगा।
बच्ची को इन्क्युबेटर में रखे 10 मिनट ही हुए थे कि अचानक जोर से विस्फोट होने की आवाज आई। बच्ची को जिस रूम में रखा गया था, वहां से काफी धुआं निकल रहा था। सारा स्टॉफ डर के मारे अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकल आया। बच्ची की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। बच्ची इस घटना में घायल हो गई जिसके बाद हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टॉफ ने तुरंत बच्ची को दूसरे हॉस्पिटल में भरती कराया लेकिन अफसोस बच्ची नहीं बच सकी।
हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते एक परिवार को अपनी नन्हीं बच्ची खोनी पड़ी। यह बच्ची स्वाती को ऑपरेशन के जरिए हुई थी। बच्ची की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही थी इसलिए पुणे के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल ससून में भर्ती कराया गया था। कल देर रात बच्ची ने आखिरकार दम तोड़ दिया।












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