बीजेपी अपने पुराने दफ्तर से ही करेगी 2019 लोकसभा चुनाव का संचालन?

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने खास फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव की पूरी तैयारी पार्टी के 6, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर बने नए विशाल और अत्याधुनिक कार्यालय की जगह 11, अशोक रोड स्थित पुराने दफ्तर से ही संचालित करेगी। इसी के मद्देनजर बीजेपी ने चुनाव संबंधित गतिविधियों को पुराने दफ्तर में शिफ्ट करके कुछ काम करना शुरू भी कर दिया है। पार्टी की योजना है कि धीरे-धीरे इसे चुनाव प्रबंधन कार्यालय में बदल दिया जाएगा, जिसे इलेक्शन वॉर रूम भी कहा जाता है। सूत्रों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का कोई भी फैसला चाहे वो चुनावी रणनीति से जुड़ा हुआ हो या फिर टिकट वितरण से जुड़ा हुआ हो सभी फैसले 11, अशोक रोड स्थित कार्यालय से ही लिए जाएंगें।

नए कार्यालय की जगह पुराने कार्यालय में 'इलेक्शन वॉर रूम'

नए कार्यालय की जगह पुराने कार्यालय में 'इलेक्शन वॉर रूम'

सूत्रों ने वन इंडिया को बताया कि जब पार्टी ने पुराने कार्यालय में काम शुरू किया तो उसका फायदा नजर आया है। बीजेपी कई राज्यों में सरकार बनाने में सफल रही, साथ-साथ 2014 के लोकसभा चुनाव में अकेले 283 सीटें भी जीतने में कामयाब रही। वहीं नए ऑफिस में शिफ्ट होने के बाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें तो जीतीं लेकिन बहुमत से 7 सीटें कम होने की वजह से सरकार बनाने में असफल रही।

हालिया चुनावी नतीजों के बाद पार्टी ने लिया फैसला

हालिया चुनावी नतीजों के बाद पार्टी ने लिया फैसला

इससे पहले गुजरात चुनाव में बीजेपी भले ही 100 से कम सीटों पर जीत के आई हो लेकिन प्रदेश में सरकार बनाने में सफल रही। हालांकि पार्टी को उत्तर प्रदेश की तीन लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की फूलपुर लोकसभा सीट भी शामिल है। इसके अलावा सांप्रदायिक दौर पर बेहद संवेदनशील यूपी की कैराना लोकसभा सीट भी है। ये सब कुछ बीजेपी के नए मुख्यालय में शिफ्ट होने के बाद हुआ।

नए कार्यालय के वास्तु पर उठे सवाल

नए कार्यालय के वास्तु पर उठे सवाल

इन चुनावी नतीजों को देखने के बाद पार्टी बेहद चिंतित थी। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी कार्यालय की नई इमारत के वास्तु को लेकर एक बार नहीं तीन बार चेक किया गया। हर बार वास्तु दोषपूर्ण पाया गया, इसी के बाद ये फैसला लिया गया कि पार्टी के पुराने कार्यालय को ही 2019 के लिए चुनावी कार्यालय बनाया जाए। सूत्रों ने बताया कि टिकट वितरण के साथ-साथ चुनाव से संबंधित सभी गतिविधि वहीं से संचालित होगी। हालांकि, पार्टी की ओर से ऐसी किसी भी गतिविधि को नकारा जा रहा है।

पुराने ऑफिस में बनेगी चुनावी रणनीति!

पुराने ऑफिस में बनेगी चुनावी रणनीति!

सूत्रों ने बताया कि पार्टी के लिए सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स को हायर किया जाएगा। दिल्ली और आस-पास के इलाकों के कुछ बीजेपी कार्यकर्ता पहले ही काम करना शुरू कर चुके हैं। गुजरात से भी जल्द कुछ लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आईटी प्रोफेशनल्स की टीम पूरी तरह से नई होगी, उनका बीजेपी आईटी सेल के तहत काम कर रही टीम से कोई लेना-देना नहीं होगा।

बीजेपी की ओर से किया जा रहा इंकार

बीजेपी की ओर से किया जा रहा इंकार

सूत्रों ने बताया कि बीजेपी के वर्तमान मुख्यालय से काम करने में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां हैं। प्रधानमंत्री को हर चुनाव से संबंधित बैठक, कोर कमेटी समेत अन्य बैठकों के अलावा नीतिगत मामलों से संबंधित बैठक में हिस्सा लेने के लिए आना पड़ता है। ऐसे में पीएम के आवागमन के दौरान यातायात प्रभावित होता है। इस सबके मद्देनजर बीजेपी का पुराना कार्यालय सुविधाजनक होगा।

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