मैगी के बाद सैरेलेक मामले में फंसी Nestle, बच्चों को चीनी की लगा रही आदत! प्रोडक्ट्स को लेकर बड़ा खुलासा
भारत में नेस्ले के दो सबसे ज्यादा बिकने वाले बेबी-फूड ब्रांडों में बड़ी मात्रा में चीनी मिले होने का खुलासा हुआ है। एक खोजी वेबसाइट 'पब्लिक आई' की जांच में पता चला है कि नेस्ले जब इन बेबी-फूड प्रोडक्ट्स को ब्रिटेन, जर्मनी जैसे विकसित देशों में बेचता है, तो उसमें अतिरिक्त चीनी नहीं होती है, लेकिन एशिया या फिर अफ्रीका जैसे देशों में ये प्रोडक्ट बेचने के दौरान वह उसमें एक्स्ट्रा चीनी ऐड कर देता है।
नेस्ले स्विट्जरलैंड की एक नामी कंपनी है, जिसके प्रोडक्ट्स दुनियाभर में बेचे जाते हैं। 'पब्लिक आई' की रिपोर्ट में बताया गया है कि नेस्ले कई देशों में बच्चों के दूध और सेरेलैक प्रोडक्ट्स में चीनी और शहद का इस्तेमाल करता है। ऐसा करना मोटापे और पुरानी बीमारियों को रोकने के मकसद से बनाए गए अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

पब्लिक आई की जांच में पता चला है कि जब नेस्ले जर्मनी, फ्रांस या ब्रिटेन में अपने प्रोडक्ट बेच रही होती है तो वहां पर अतिरिक्त सुगर का इस्तेमाल नहीं होता है लेकिन भारत में ये औसतन 3 ग्राम अतिरिक्त चीनी का इस्तेमालक करते हैं।
वहीं अगर अफ्रीकी देश जैसे कि इथियोपिया की बात की जाए तो औसतन 5 ग्राम अतिरिक्त चीनी का इस्तेमाल होता है। वहीं एशियाई देश थाईलैंड में 6 ग्राम तक अतिरिक्त चीनी का इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट के बाद अन्य देशों में अतिरिक्त चीनी इस प्रकार पाई गई
• थाईलैंड - 6 ग्राम
• इथियोपिया - 5 ग्राम
• दक्षिण अफ़्रीका - 4 ग्राम
• ब्राज़ील - औसत 3 ग्राम
• इंडोनेशिया - 2 ग्राम
• मेक्सिको - 1.7 ग्राम
• नाइजीरिया, सेनेगल - 1 ग्राम
इस बीच, कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वह भारत में सभी नियमों का पालन कर रही है। नेस्ले ने 2022 में भारत में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के सेरेलैक प्रोडक्ट्स बेचे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों के प्रोडक्ट्स में चीनी को डालना खतरनाक और गैरजरूरी काम है। इससे बच्चों को चीनी खाने की आदत लग सकती है।
इस बीच नेस्ले इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसके शिशु अनाज उत्पाद, प्रारंभिक बचपन के लिए प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज, आयरन आदि जैसी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की उचित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्मित किए जाते हैं। वे नियमों का पालन कर रहे हैं कि उत्पादों की पोषण गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते हैं।
कंपनी ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में, अतिरिक्त शर्करा में 30% तक की कमी कर दी गई है। हम नियमित रूप से अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हैं और पोषण, गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वाद से समझौता किए बिना अतिरिक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए अपने उत्पादों में नवाचार और सुधार जारी रखते हैं।












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