NEET-UG Paper Leak: Shubham Khairnar कौन है? डॉक्टर पिता का BAMS बेटा नासिक से अरेस्ट, 15 लाख में होती थी डील
NEET-UG 2026 Paper Leak: देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर भारी विवाद में घिर गई है। 3 मई 2026 को हुई परीक्षा को NTA ने 12 मई को रद्द कर दिया। करीब 22.79 लाख छात्र-छात्राओं की एक साल की मेहनत, कोचिंग फीस, परिवारों के सपने और आर्थिक बलिदान पर पानी फिर गया। इस बीच CBI ने महाराष्ट्र के नासिक से 30 वर्षीय BAMS छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से 10 लाख रुपये में 'गेस पेपर' (Guess Paper) खरीदा और हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया। यह गिरफ्तारी पूरे मामले को नया मोड़ दे रही है और 'पेपर सीधे प्रिंटिंग प्रेस से लीक' वाले शुरुआती सिद्धांत पर सवाल खड़े कर रही है।

Who Is Shubham Khairnar: शुभम खैरनार कौन है?
शुभम खैरनार (30 वर्ष) नासिक जिले के नंदगांव तालुका का रहने वाला है। इंदिरा नगर, नासिक में रहता है। वह Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (BAMS) का छात्र है। उसके पिता डॉ. मधुकर खैरनार पेशे से डॉक्टर हैं। पिता ने बेटे पर लगे आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है और कहा है कि शुभम निर्दोष है। नासिक क्राइम ब्रांच (यूनिट-2) ने राजस्थान पुलिस के इनपुट पर पहले शुभम को हिरासत में लिया। बाद में CBI की चार टीमें नासिक पहुंचीं और उसे अपनी कस्टडी में ले लिया।
जांच के अनुसार, शुभम ने टेलीग्राम या एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पुणे के एक व्यक्ति से फिजिकल/सॉफ्ट कॉपी प्राप्त की। इसे 10 लाख में खरीदा और हरियाणा भेजा, जहां से आगे सप्लाई हुई। शुभम को करीब 5 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। गिरफ्तारी के समय उसने अपना लुक बदल लिया था और बाल कटवा लिए थे, जिससे पुलिस को पुरानी तस्वीरों और टेक्निकल सर्वेलेंस से ट्रैक करना पड़ा।
Guess Paper का रहस्य
राजस्थान पुलिस की Special Operations Group (SOG) की जांच में सबसे अहम खुलासा यह हुआ कि परीक्षा से पहले एक 410 प्रश्नों वाला 'गेस पेपर' सीकर और अन्य कोचिंग हब्स में वायरल हो रहा था। NEET में कुल 180 प्रश्न (बायोलॉजी 90, केमिस्ट्री 45, फिजिक्स 45)। इस गेस पेपर में बायोलॉजी के लगभग सभी 90 और केमिस्ट्री के लगभग 45 प्रश्न मैच कर गए (कुल 120+ प्रश्न)। यह पेपर परीक्षा से 15 दिन से एक महीने पहले छात्रों तक पहुंच रहा था। कीमत: 20,000 से 2 लाख रुपये तक।
राजस्थान SOG के IG अजय पाल लांबा ने स्पष्ट किया कि यह पेपर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध गेस पेपर था, लेकिन केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न असली पेपर से पूरी तरह मैच कर रहे थे। मामले की शुरुआत नासिक से हुई। राजस्थान के किसी गैंग से सीधा संबंध नहीं मिला। पेपर हरियाणा से राजस्थान भेजा गया। 150 से ज्यादा उम्मीदवारों, उनके माता-पिता और दोस्तों से पूछताछ हुई। CBI को 24 से ज्यादा संदिग्धों की जानकारी सौंपी गई है।

CBI का अनुमान: पूरे नेटवर्क में कम से कम 45 लोग शामिल।

NTA DG अभिषेक सिंह ने जिम्मेदारी ली और कहा कि हम छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखेंगे।
NEET में बार-बार विवाद: सिस्टमिक समस्या?
- 2024: बिहार-झारखंड लीक, ग्रेस मार्क्स विवाद, सुप्रीम कोर्ट पहुंच।
- 2026: गेस पेपर के जरिए मैचिंग।
- समस्याएं: प्रिंटिंग सुरक्षा, डिजिटल लीक (WhatsApp/Telegram), कोचिंग लॉबी का दबदबा, NTA की क्षमता।
- 2024 में ISRO पूर्व प्रमुख की समिति बनी, लेकिन सुधार अपर्याप्त साबित हुए।
बड़े सवाल जो जांच में उभर रहे हैं?
- असली पेपर लीक हुआ या 'गेस पेपर' नाम पर असली प्रश्न बेचे गए?
- क्या उच्च पदों या प्रिंटिंग प्रेस में सांठगांठ है?
- कोचिंग इंडस्ट्री (सीकर अब नया कोटा) पर लगाम कैसे?
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लीक कैसे रोके जाएं?
- क्या NEET का विकल्प (अलग-अलग राज्य स्तर या अन्य मोड) सोचना चाहिए?
शुभम खैरनार की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन यह पूरी सड़ांध नहीं है। NEET लीक अब केवल परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि युवा भारत के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और शासन की साख का सवाल बन चुका है। सरकार, NTA और एजेंसियों को पारदर्शिता, तेज कार्रवाई और स्थायी समाधान देना होगा।












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