NEET Controversy: 'नकल विरोधी कानून केंद्र का डैमेज कंट्रोल', विपक्ष ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह कानून कई घोटालों के बाद लागू किया गया है। रमेश ने कहा कि उन्होंने(केंद्र) इसे डैमेज कंट्रोल का कदम बताया। कांग्रेस ने शनिवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए कानून लागू करने के फैसले की आलोचना की।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कानून-सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 - कई घोटालों के बाद लागू किया गया था और इसे डैमेज कंट्रोल के लिए एक कदम करार दिया।

आपको बता दें कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी राजनीतिक दलों और छात्र संघों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं नीट-यूजी और यूजीसी-नेट में कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया है। इस विवाद और पेपर लीक की खबरों के बीच, केंद्र ने शुक्रवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर दिया। इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है और इसमें अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
रमेश ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि 13 फरवरी 2024 को भारत के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम), विधेयक, 2024 को अपनी मंजूरी दे दी। आखिरकार, आज सुबह ही राष्ट्र को बताया गया है कि यह अधिनियम 21 जून 2024 से लागू हो गया है। स्पष्ट रूप से यह नीट, UGC-NET, CSIR-UGC-NET और अन्य घोटालों से निपटने के लिए डैमेज कंट्रोल है।
उन्होंने आगे कहा कि इस कानून की जरूरत थी। लेकिन यह लीक होने के बाद उससे निपटता है। ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं ऐसे कानून, सिस्टम, प्रक्रियाएं और प्रणालियां जो सुनिश्चित करें कि लीक पहले न हो।"
'केंद्र सरकार पूरी तरह विफल'
एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरी तरह विफल हो गई है। सुले ने कहा कि यह भारत सरकार की पूरी तरह से विफलता है, क्योंकि इतनी सारी तकनीक के बावजूद, मुझे समझ में नहीं आता कि हर बार प्रतियोगी परीक्षा में इतनी गड़बड़ियां क्यों होती हैं? छात्र और अभिभावक अपने जीवन के इस बड़े पड़ाव को पार करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं। अगर उन्हें इस तरह से धोखा दिया जा रहा है, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार ने हमें निराश किया है। उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को संसद में उठाने जा रहे हैं। सरकार कई मुद्दों पर पीछे हट रही है।
आरजेडी भी हुई हमलावर
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने भी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को खत्म करने की मांग की। उन्होंने भाजपा पर "आरोपियों को बचाने" के लिए झूठी कहानियां गढ़ने का भी आरोप लगाया। झा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान क्लीन चिट देते हैं और बाद में दिखावा करते हैं कि कुछ अनियमितताएं हैं। गुजरात में क्या हुआ? हरियाणा में भाजपा के एक मंत्री के स्कूल में उस केंद्र के 6 बच्चे टॉपर लिस्ट में हैं, इसलिए पूरे देश में NEET को लेकर हंगामा हो रहा है और ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और NTA को खत्म कर देना चाहिए।












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