बिहार के बाद यूपी में बढ़ी BJP की मुश्किलें, अपना दल ने मांगी 5 सीटें
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नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है। बिहार के बाद अब यूपी में बीजेपी के सहयोगी दल भाजपा पर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए जबरदस्त दवाब बना रहे हैं। बिहार में पहले ही सीट शेयरिंग के चलते उपेंद्र कुशवाहा गठबंधन से अलग हो गए थे। अब उत्तर प्रदेश में एनडीए के लिए परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि अपना दल ने अपने पार्टी प्रमुख आशीष पटेल के लिए राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद और 2019 के लोकसभा चुनावों में अपने उम्मीदवारों के लिए कम से कम पांच सीटों की मांग की है। आशीष पटेल अनुप्रिया पटेल के पति हैं। बता दें कि, 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना दल को 2 सीटें दी गईं थी, पार्टी ने दोनों ही सीट पर जीत हासिल की थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपना दल को 11 सीटें दी गईं थी, जिनमें से पार्टी ने 9 सीटों पर जीत हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया था।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में उसे उचित स्थान नहीं दिया गया
अनुप्रिया पटेल केन्द्र की मोदी सरकार में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री का पद संभाल रही हैं। लेकिन अपना दल का आरोप है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में उसे उचित स्थान नहीं दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि उनकी तुलना में एक छोटी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की यूपी विधानसभा में 4 सीटें हैं। पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। जबकि अपना दल की यूपी में 9 सीटे हैं, वहीं उसके पास कैबिनेट मंत्री का एक भी पद नहीं है।

नौ सीटों के बाद भी कोई कैबिनेट मंत्री नहीं
अपना दल इस बात से भी नाराज है कि योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अभी तक एक भी बार कैबिनेट में बदलाव या उसका विस्तार नहीं किया है। उत्तर प्रदेश में सिर्फ अपना दल के नेता जय कुमार सिंह को राज्यमंत्री का पद दिया हुआ है। सूत्र बताते हैं कि बहुमत आने के बाद सरकार बनी तो तय हुआ कि अपना दल के अध्यक्ष आशीष पटेल को मंत्रिमंडल में लिया जाएगा। उन्हें एमएलसी भी बनाया गया। मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के चलते यह वादा पूरा नहीं हो पाया है। नाराजगी का एक कारण यह भी है।

उनकी शिकायतों को किया जा रहा है अनसुना
हाल ही में आयोगों में होने वाली तैनातियों में भी अपना दल की मांगों पर योगी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। यहीं नहीं अपना दल ने लखनऊ में कार्यालय की मांग की थी, जिसे योगी सरकार ने अनसुना कर दिया।। इसके अलावा अनुप्रिया पटेल के एमएलसी पतिआशीष पटेल ने बंगले की मांग की थी जो काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें मिला। अपना दल का एक शिकवा यह भी है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अनुप्रिया पटेल को राज्यमंत्री का दर्जा तो दिया गया लेकिन विभाग में उन्हें कोई महत्वपूर्ण काम नहीं दिया गया। जो भी एक नाराजगी का कारण है।












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