चाह थी राजा बनने की लेकिन इज्जत बचाना भी हुआ मुश्किल
पटना (मुकुंद सिंह)। बिहार की राजनीति में अपने आप कोराजनीति के सुरमा और ख्याली पुलाव बनाने वाले नेताओं कि कमी न तो पहले थी और न आज है। आपको बताते चले कि हम के प्रमुख व पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कल सुबह उठते-उठते ही कह था कि उनकी इच्छा तो नहीं है पर अगर उन्हें कहा जाएगा तो वे सीएम पद की जिम्मेवारी लेने से पीछे नहीं हटेंगे।
मांझी की पार्टी को एक सीट मिली है। केंद्रीय मंत्री व रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने चुनाव के पहले यह मांग रखी थी कि उन्हें सीएम प्रत्याशी बनाया जाए पर अब हालत यह है कि रालोसपा को दो सीटों पर जीत मिली है। तो लोजपा के रामविलास पासवान को सीएम प्रत्याशी बनाने की मांग उनके मित्र भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा करते रहते थे।
मांझी-पासवान की हुई हालत खराब
रामविलास पासवान ने भी यह कहकर अपनी महत्वकांक्षा का संके दे दिया था कि अटल जी मुझे सीएम पद पर देखना चाहते थे। लोजपा को दो सीटें मिली हैं । बिहार विधानसभा चुनाव मे कांग्रेस 41 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 27 सीटों पर उसके प्रत्याशी जीत हैं। जदयू 71 सीट जीती वही राजद 81 सीटों पर जीती है। भाजपा 51 सीटों पर सिमट गई है।













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