रोहित शेखर की संदिग्ध मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे मरहूम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी के मौत के मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। फॉरेंसिक और क्राइम ब्रांच की टीमें उनके आवास पर पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का खुलासा हुआ है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।

मंगलवार को दक्षिण दिल्ली के डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि 40 साल के शेखर को उनकी मां और पत्नी साकेत के मैक्स अस्पताल लेकर पहुंची थीं जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब चार बजे दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में पर उनकी तबीयत बिगड़ी। उनके हाथ-पांव ठंडे हो गए और नाक से खून निकलने लगा। रोहित की पत्नी और मां अस्पताल लेकर आईं लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका।
रोहित शेखर 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि वो राजनीतिक तौर पर सक्रिय नहीं थे। रोहित एनडी तिवारी और उज्जवला शर्मा के बेटे थे। एनडी तिवारी का 93 साल की उम्र में अक्टूबर 2018 में निधन हो गया था। तिवारी जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर रहने के अलावा आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे थे।
जबकि मां उज्जवला तिवारी का कहना था कि रोहित की मृत्यु प्राकृतिक है, लेकिन उन्होंने रोहित की मृत्यु के समय के हालात पर संदेह जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'मुझे रोहित शेखर की मृत्यु को लेकर किसी भी तरह का शक नहीं है, लेकिन किन परिस्थितियों की वजह से उसकी मौत हुई है, इसका खुलासा मैं बाद में करूंगी।'
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