NCRB:दिल्ली में राष्ट्रीय औसत से करीब 7 गुना ज्यादा बढ़े अपराध, इन मामलों में अधिक इजाफा

नई दिल्ली- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के जो ताजे आंकड़े आए हैं, वह राजधानी दिल्ली के लिए बहुत ही खराब माने जा सकते हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल दिल्ली में अपराधों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। जबकि, राष्ट्रीय औसत सिर्फ 3 फीसदी का था। जिन अपराधों में राजधानी दिल्ली में बढ़ोतरी देखने को मिली है, उनमें हत्या और रेप जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। बाकी चोरी की घटनाओं में अभी भी दिल्ली राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे है। वैसे दिल्ली पुलिस और एक्सपर्ट का मानना है कि राजधानी दिल्ली में आपराधिक मामलों के ज्यादा संख्या में दर्ज होने के कारण ऐसे नतीजे आते हैं, क्योंकि दूसरे जगह साधारण अपराध पुलिस दर्ज ही नहीं करती।

दिल्ली में बढ़ी हत्या और रेप की घटनाएं

दिल्ली में बढ़ी हत्या और रेप की घटनाएं

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक 2018 के मुकाबले 2019 में दिल्ली में रेप और हत्या की घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के पास औसतन हर हफ्ते ऐसे 24 मामले दर्ज कराए गए हैं। 2019 में रेप के मामलों में दिल्ली में एक साल पहले के मुकाबले 3 फीसदी की अधिकता रही है। रेप ही नहीं राष्ट्रीय राजधानी में हत्या की घटनाओं में भी एक साल में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह इजाफा 1.5 फीसदी का है, जो एक साल में 513 से बढ़कर 521 हुई है। हालांकि, एक और जघन्य अपराध लूट और डकैती के मामलों में काफी कमी देखी गई है। हालांकि, अगर राष्ट्रीय औसत में देखें तो दिल्ली में यह अभी भी सबसे ज्यादा है। वैसे एक साल में इन वारदातों में 20 फीसदी की कमी दिल्ली में जरूर हुई है। पिछले साल इसमें 9.8 फीसदी का इजाफा हुआ था, जबकि देश में यह वारदात 2.3 फीसदी के दर से बढ़ी थी। दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र था, जहां डकैती के मामलों में 6.3 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया था।

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    चोरी की घटनाएं दिल्ली में सारे अपराध पर भारी

    चोरी की घटनाएं दिल्ली में सारे अपराध पर भारी

    दिल्ली में 2018 की तुलना में 2019 के दौरान आपराधिक घटनाओं में जो 20% की वृद्धि हुई है, उसमें सबसे बड़ा आंकड़ा चोरी की घटनाओं का है। जबकि, एक साल में अपराध बढ़ने का राष्ट्रीय औसत महज 3% रहा है। यानी दिल्ली राष्ट्रीय औसत से करीब 7 गुना आगे है। दिल्ली में इस एक साल में दिल्ली पुलिस के पास कुल 2,90,000 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से चोरी के मामले 82 फीसदी हैं। पिछले साल दिल्ली में आपराधिक घटनाओं में जो बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वह भी चोरी की घटनाएं बढ़ने की ही वजह से हुई हैं, जिसमें एक साल में 25.7% का इजाफा हुआ है। इस अवधि में पूरे देश में कुल 32 लाख अपराध रजिस्टर्ज हुए उसमें चोरी की वारदात 20% से कुछ ज्यादा थी और इसमें 8% की बढ़ोतरी भी पिछले साल दर्ज की गई। यानी इस अपराध में दिल्ली और राष्ट्रीय औसत का अंतर बहुत ही ज्यादा है। 2019 में दिल्ली में प्रति 1,00,000 आबादी पर 1,233.6 अपराध हुए। जाहिर है कि इसमें से करीब 82 फीसदी चोरी की वारदाते हैं। जबकि एक लाख आबादी पर चोरी की वारदातों का राष्ट्रीय औसत सिर्फ 50.5 है। चोरी के मामलों में महाराष्ट्र दिल्ली के बाद महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है। वैसे दिल्ली पुलिस और एक्सपर्ट मानते हैं कि चोरी की इतनी अधिक घटाएं इसलिए हैं, क्योंकि यहां केस ज्यादा दर्ज किए जाते हैं।

    वाहन चोरी के मामलों मामूली कमी

    वाहन चोरी के मामलों मामूली कमी

    एक मामले में दिल्ली वाले और दिल्ली पुलिस को थोड़ी राहत मिल सकती है कि पिछले साल यहां वाहन चोरी की घटनाओं में थोड़ी कमी आई है। 2018 में राजधानी में वाहन चोरी के 46,433 मामले सामने आए थे, जबकि 2019 में सिर्फ 46,215 मामले ही सामने आए। हालांकि, यह गिरावट बहुत ही मामूली यानी 0.46% की है। दिल्ली पुलिस का कहना है फिर भी वाहन चोरी के इतने मामले सामने इसलिए आते हैं क्योंकि पड़ोसी राज्यों के लोग भी वाहन चोरी के मामले दिल्ली पुलिस के पास दर्ज करना चाहते हैं, जिससे कि उन्हें इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने में आसानी रहे।

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