'किसी को देश का नाम बदलने...', G20 के आमंत्रण में 'भारत' लिखने पर भड़के एनसीपी प्रमुख शरद पवार
देश की राजधानी दिल्ली में भारत की मेजबानी में 9 और 10 सितंबर को G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। G20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत दुनिया भर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत के मेहमान बनकर आने वाले हैं।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित G20 सम्मेलन के रात्रि भोज आमंत्रण पत्र पर 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' का लिखा गया है। जिस पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में शामिल कांग्रेस और अन्य नेताओं को आपत्ति हो रही है। वहीं अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने अब इस पर गुस्सा जताया है।

बता दें कांग्रेस ने दावा किया है कि G20 समिट के रात्रि भोज के निमंत्रण में राष्ट्रपति को "भारत के राष्ट्रपति" के रूप में संदर्भित किया गया है। जिस पर शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि किसी को भी देश का नाम बदलने का अधिकार नहीं है।
राकांपा प्रमुख ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक संवाददाता सम्मेलन में ये बात कही। उन्होंने कहा मुझे समझ नहीं आता कि सत्तारूढ़ दल देश से संबंधित नाम को लेकर क्यों परेशान है। यह पूछे जाने पर कि क्या संविधान में भारत का नाम बदला जाएगा इस पर पवार ने कहा मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
पवार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्किार्जुन खड़गे ने इस बुधवार को एक बैठक बुलाई है जिसमें इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों के प्रमुखों से इस मुद्दे पर बात की जाएगी और इस पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा बैठक में इस पर विचार-विमर्श होगा, लेकिन देश का नाम बदलने का अधिकार किसी को नहीं है, कोई भी देश का नाम नहीं बदल सकता।
शरद पवार ने कहा इंडिया गठबंधन में देश के 28 राजनीतिक दल शामिल हैं, जिनका प्रमुख लक्ष्य भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र को अगले 2024 के लोकसभा चुनाव में मुकाबना करना है।












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