NCB ने 'डार्क नेट' पर आधारित ड्रग्स तस्करी गिरोह का किया भंडाफोड़, 15000 LSD ड्रग किया जब्त
पिछले महीने एनसीबी और नौसेना ने ₹25,000 करोड़ मूल्य का मेथमफेटामाइन जब्त किया था जो पाकिस्तान से ईरान के रास्ते भेजा गया था।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के मुताबिक, एनसीबी ने आज मंगलवार को छापेमारी कर दो मामलों में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और 15,000 लीसर्जिक एसिड डाईएथिलेमाइड (एलएसडी) ड्रग जब्त किया है। एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया है कि ये ड्रग्स व्यावसायिक मात्रा से 2.5 हजार गुना अधिक है। इस दवा की व्यावसायिक मात्रा .1 ग्राम है। यह एक सिंथेटिक दवा है और बहुत खतरनाक है। यह पिछले 2 दशकों में सबसे बड़ी जब्ती है। उन्होंने कहा कि यह डार्क नेट पर आधारित तस्करी थी।
'डार्क नेट' तस्करी के लिए खतरनाक प्लेटफॉर्म
डार्क नेट का मतलब इंटरनेट की गहराई में छिपे उन मंचों से है जिनका इस्तेमाल मादक पदार्थ को बेचने, पोर्नोग्राफी सामग्री के आदान-प्रदान और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता है। इंटरनेट पर संचार में गोपनीयता बनाए रखने के लिए 'अॅनियन राउटर' की मदद से इन गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन्हें पकड़ न पाएं।
एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने आगे बताया कि यह एक विशाल नेटवर्क था और पोलैंड, नीदरलैंड, यूएसए, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था। तस्करों ने क्रिप्टोकरंसी और डार्कनेट का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि 2.5 किलो मारिजुआना के बैंक खातों में जमा 4.65 लाख और 20 लाख रुपये जब्त किए गए।
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मई में NCB ने 25000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की थी
एनसीबी की यह घोषणा पिछले महीने नौसेना के साथ एक संयुक्त अभियान के बाद आई है, जिसमें केरल के तट से 25 हजार करोड़ रुपये की नशीली दवाओं को जब्त किया गया था। बता दें कि एनसीबी ने इसी साल 13 मई को 2525 किलोग्राम मेथमफेटामाइन ड्रग्स जब्त की थी जो कि 25 हजार करोड़ रुपए की बताई गई। इंडियन नेवी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जॉइंट ऑपरेशन के दौरान केरल तट के पास से इस ड्रग्स को जब्त किया था।












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