Nava Kerala Survey पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत, SC ने लगाई रोक, खर्च का मांगा ब्योरा, क्या है मामला?
Nava Kerala Survey (Supreme Court): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 24 फरवरी 2026 को केरल हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 'नव केरल सिटीजन रिस्पॉन्स प्रोग्राम' को फिलहाल स्थगित कर दिया गया था। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की एक जनसंपर्क और फीडबैक पहल है, जिसका मकसद विकास और कल्याण योजनाओं पर जनता की राय जुटाना है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत (Surya Kant) और जस्टिस जॉयमाल्य बागची (Joymalya Bagchi) की पीठ ने कहा कि सरकार अगर यह जानना चाहती है कि उसकी योजनाएं जमीन पर काम कर रही हैं या नहीं, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। हालांकि अदालत ने राज्य से 20 करोड़ रुपये के खर्च का विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगा है।

राज्य की अपील और नोटिस (Kerala Govt Appeal)
केरल सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने नीति संबंधी मामले में दखल देकर मंत्रिपरिषद से मंजूर कार्यक्रम को रोक दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal और अधिवक्ता सी के सासी ने राज्य का पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता मुबास को नोटिस जारी किया, जो हाईकोर्ट में पक्षकार थे।
20 करोड़ के बजट पर विवाद (Budget Controversy)
राज्य सरकार ने बताया कि यह कार्यक्रम जनवरी से फरवरी 2026 तक राज्यभर में चलाया जाना था। इसके लिए 'स्पेशल पीआर कैंपेन' मद में करीब 20 करोड़ रुपये रखे गए थे। अक्टूबर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने वित्तीय स्वीकृति जारी की थी और नवंबर 2025 में विस्तृत बजटीय कार्यवाही जारी की गई थी। सरकार का कहना है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं।
हाईकोर्ट की आपत्ति क्या थी?
हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप था कि यह कार्यक्रम संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत बने नियमों का उल्लंघन करता है, क्योंकि विकास योजनाओं का मूल्यांकन संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि जनसंपर्क विभाग के। साथ ही 20 करोड़ रुपये के आवंटन को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग जैसा बताया गया और कहा गया कि इसके लिए विधायी स्वीकृति जरूरी थी।
राज्य सरकार ने दलील दी कि नियमावली आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था है और उसका उल्लंघन अपने आप में किसी सरकारी कार्रवाई को अवैध नहीं बना देता। सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप से फिलहाल 'नव केरल सर्वे' को बड़ी राहत मिली है, लेकिन खर्च और प्रक्रिया पर अंतिम फैसला आगे की सुनवाई में तय होगा।












Click it and Unblock the Notifications