National Logistics Policy लॉन्च, पीएम मोदी ने कहा- पहले कबूतर छोड़ते थे, अब हम चीता छोड़ते हैं

पीएम मोदी ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी लॉन्च किया। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अहम कदम करार दिया। National Logistics Policy PM Modi says important step towards developed India

नई दिल्ली, 17 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy) की शुरुआत की। उन्होंने कहा, "एक विकसित भारत के निर्माण" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इस नीति के साथ "हर क्षेत्र में नई ऊर्जा" आई है। उन्होंने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ने के प्रसंग का जिक्र किया। बकौल पीएम मोदी, 'पहले हम कबूतर छोड़ते थे, अब हम चीता छोड़ते हैं।'

National Logistics Policy PM Modi

भारत के आत्मनिर्भर होने की गूंज हर जगह

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "अमृत काल में देश ने विकसित भारत की निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मेक इन इंडिया और भारत के आत्मनिर्भर होने की गूंज हर जगह है। भारत बड़े निर्यात लक्ष्य निर्धारित कर रहा है और उन्हें पूरा भी कर रहा है।" उन्होंने कहा, आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं।

भारत मैन्युफैक्चरिंग हब

बकौल पीएम मोदी, भारत एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी सभी सेक्टरों के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है। उन्होंने कहा, "भारत एक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया ने भारत को विनिर्माण क्षेत्र में अगुआ के रूप में स्वीकार किया है। National Logistics Policy के कारण विनिर्माण क्षेत्र में काफी मदद मिली है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास

प्रधानमंत्री ने National Logistics Policy को कई समस्याओं का समाधान बताया। उन्होंने कहा, इस नीति के आने से "हमारी सभी प्रणालियों" में सुधार होगा। बकौल पीएम मोदी, हमारे निर्माता और उद्योगों से जुड़े लोग तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास (fast last-mile delivery) कर रहे हैं। समय और धन की बचत की दिशा में भी काम हो रहा है। परिवहन संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

समग्र दृष्टिकोण के साथ समन्वय

उन्होंने कहा, National Logistics Policy से हमारी सभी प्रणालियों में सुधार के लिए लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाली सरकार की विभिन्न इकाइयों के बीच एक समग्र दृष्टिकोण के साथ समन्वय होगा। हमें वह गति मिलेगी जो हम हासिल करना चाहते हैं।

13 से 14 प्रतिशत रसद लागत पर खर्च

गौरतलब है कि लॉजिस्टिक्स नीति का उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करना और वैश्विक बाजार में घरेलू सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करना है। बता दें कि भारत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 13 से 14 प्रतिशत रसद लागत पर खर्च करता है। जर्मनी और जापान जैसे देश रसद लागत पर सकल घरेलू उत्पाद का लगभग आठ से नौ प्रतिशत खर्च करते हैं। इन देशों को विकसित रसद बुनियादी ढांचे और प्रणालियों के लिए जाना जाता है।

भारत रसद लागत में 44 वें स्थान पर

रसद क्षेत्र में 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 सहयोगी सरकारी एजेंसियां ​​(Partner Government Agencies -PGA), 37 निर्यात संवर्धन परिषद, 500 प्रमाणन, 10,000 से अधिक वस्तुएं और 160 अरब डॉलर का बाजार है। विश्व बैंक लॉजिस्टिक्स इंडेक्स 2018 के अनुसार, भारत रसद लागत में 44 वें स्थान पर है। इस इंडेक्स में अमेरिका और चीन जैसे देशों से भारत बहुत पीछे है। अमेरिका 14 वें और चीन 26 वें स्थान पर है।

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