NCF 2022: 6 साल तक के बच्चों के लिए कोई टेक्स्ट बुक्स नहीं, नए सिलेबस प्लान में जानिए क्या-क्या खास बातें
6 साल तक के बच्चों के लिए कोई टेक्स्ट बुक्स नहीं, शिक्षा मंत्री लॉन्च किया नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क, जानें खास बातें
Dharmendra Pradhan National Curriculum Framework (NCF) 2022: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 3 से 8 साल के बच्चों के लिए नई दिल्ली में नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) लॉन्च किया है। ये नया सिलेबस प्लान देश में छोटे बच्चों के लिए इस तरह का पहला एकीकृत पाठ्यक्रम है। इसमें बताया गया है कि तीन से छह साल के बच्चों के लिए कोई भी टेक्स्ट बुक्स नहीं होगा। यानी 3 से 6 सालों के बच्चों को किसी भी किताब से नहीं पढ़ाया जाएगा। छोटे बच्चों के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए एक नए मूलभूत पाठ्यक्रम ढांचे में, खिलौनों के आधार पर सीखना, खेलना और सीखना, मातृभाषा का उपयोग, भारतीय हीरो की कहानियां और शिक्षण की पारंपरिक अवधारणाएं, नैतिक जागरूकता, और रचनात्मकता शामिल है। इन्ही आधारों पर 3 से 6 साल के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र ने केंद्रीय विद्यालय में बाल वाटिका का भी शुभारंभ किया। बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनईपी 2020 द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 की रूपरेखा तैयार की गई है।
पाठ्यक्रम को 4 चरणों में बांटा गया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी पाठ्यक्रम में 4 चरण होंगे। पहला चरण, नींव या प्रारंभिक बचपन की देखभाल, दूसरा चरण, प्रारंभिक शिक्षा, तीसरा चरण, मीडिल ऐजुकेशन और चौथा चरण, सेकेंडरी एजुकेशन है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण काम है नींव या प्रारंभिक बचपन की देखभाल करना। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आधारभूत चरण के लिए पहला ढांचा विकसित करना सबसे जरूरी है क्योंकि रिसर्च से पता चला है कि किसी व्यक्ति के मस्तिष्क का 85% से अधिक विकास 6-8 वर्ष की आयु तक होता है। इसलिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उन्हें क्या सिखाया जाना चाहिए और उस आयु वर्ग में क्या सीखना उनके लिए जरूरी है।''
मंत्री ने कहा कि एनसीईआरटी द्वारा इस ढांचे के आधार पर जनवरी 2023 तक आधारभूत चरण के लिए पाठ्यपुस्तकें और शिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी।
3 से 6 साल के बच्चों के लिए कोई निर्धारित पाठ्यपुस्तक नहीं
नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) के दस्तावेज में बताया गया है कि 3 से 6 साल के बच्चों के लिए कोई निर्धारित पाठ्यपुस्तक नहीं होनी चाहिए। इस आयु वर्ग के बच्चों को टेक्स्ट बुक्स का बोझ नहीं होना चाहिए। इस उम्र के बच्चों को क्रिएटिव ढंग से खेल-खेल में पढ़ाया जाना चाहिए। 3 से 6 साल के बच्चों के पढ़ाई के लिए सिंपल वर्कशीट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
दस्तावेज में कहा गया है कि 6 से 8 साल की उम्र के लिए, छात्रों को पाठ्यपुस्तकें पेश की जा सकती हैं। इन बच्चों के लिए नॉर्मल टेक्स्ट बुक्स के साथ-साथ डिजिटल और ऑडियो-विजुअल कंटेंट भी पढ़ाई के लिए दी जाएगी।












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