National Cooperative Policy 2025: देश को मिलेगी नई राष्ट्रीय सहकारी नीति, किसानों को क्या फायदा?
National Cooperative Policy 2025: देश को नई राष्ट्रीय सहकारी नीति मिलने जा रही है, जिससे न केवल सहकारी आंदोलन सशक्त होगा, बल्कि भविष्य में सहकारिता को नई दिशा भी मिलेगी। केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 24 जुलाई (गुरुवार) को ''राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025'' का अनावरण करेंगे।
राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025, वर्तमान में लागू 2002 की नीति का स्थान लेगी। इस नई नीति में डिजिटल, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तनों की स्पष्ट झलक देखने को मिलेगी। इस नीति का खाका आधुनिक दृष्टिकोण और 'नए भारत' की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

मीडिया की खबरों के अनुसार देश को 24 जुलाई 2025 को मिलने जा रही राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 में हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक सहकारी समिति स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिससे किसानों की सहकारिता से जुड़ी समस्याओं का समाधान ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जा सकेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु की अध्यक्षता वाली 48 सदस्यीय राष्ट्रीय स्तरीय समिति की ओर से तैयार की गई भारत की नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति में देशभर की आठ लाख 42 हजार सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और पेशेवर रूप में विकसित किया जाएगा।
सहकारिता आंदोलन क्या है?
भारत में सहकारिता आंदोलन (Cooperative Movement in India) एक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य आम जनता, विशेषकर किसानों, मजदूरों और गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसमें लोग मिलकर स्वैच्छिक रूप से एक साझा संस्था बनाते हैं, जिसे "सहकारी समिति" कहते हैं, ताकि सामूहिक रूप से संसाधनों का उपयोग कर सकें और लाभ साझा कर सकें।
सहकारिता एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें लोग साझेदारी, समानता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर एक संस्था बनाते हैं ताकि वे साझा जरूरतों को पूरा कर सकें, जैसे- ऋण, विपणन, कृषि संसाधन, आवास, डेयरी, शिक्षा आदि।
भारत में सहकारिता आंदोलन की शुरुआत
1904 में ब्रिटिश सरकार ने "सहकारी ऋण समिति अधिनियम" (Cooperative Credit Societies Act) पारित किया, ताकि किसानों को साहूकारों से मुक्ति मिल सके। साल 1912 में एक नया अधिनियम लाया गया, जिससे गैर-ऋण सहकारी समितियों को भी मान्यता मिली। आज़ादी के बाद संविधान के नीति निदेशक तत्वों में भी सहकारिता को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।












Click it and Unblock the Notifications