नरोदा पाटिया केस में गुजरात हाईकोर्ट ने दोषियों को सुनाई 10 साल की सजा
अहमदाबाद: चर्चित नरोदा पाटिया केस में गुजरात हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। 2002 नरोदा पाटिया केस में हाईकोर्ट ने दोषी उमेश भारद्वाज, पदमेंद्र सिंह राजपूत और राजकुमार चौमल को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है जबकि हाईकोर्ट ने दोषियों पर एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

बता दें कि गुजरात के चर्चित नरोदा पाटिया दंगा मामले में मुख्य आरोपी गुजरात की पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी को बरी कर दिया गया था। जबकि इसी केस में बाबू बजरंगी की आजीवन कारावास की सजा को कोर्ट ने बरकरार रखा था। बाबू बजरंगी के अलावा इस मामले में आरोपी किशन कोरणी, मुरली नारणभाई सिंधी और सुरेश लंगाडो को भी दोषी करार दिया गया था। वहीं, विक्रम छारा और गणपति छानाजी छारा को निर्दोष करार दिया गया था।
इसके पहले गुजरात हाईकोर्ट ने 2002 में हुए नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री माया कोडनानी को बरी कर दिया था। यह फैसला करीब एक दशक बाद आया। उन्हें भीड़ द्वारा 97 लोगों की हत्या किए जाने के मामले में आरोपी बनाया गया था।












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