देश को डर्टी टीम नहीं ड्रीम टीम चाहिये: मोदी

मोदी के आते ही एआर रहमान का प्रसिद्ध गीत वंदे मातरम् बजने लगा। रैली में भाजपा नेताओं की बात करें तो विजय गोयल, नितिन गडकरी, डा. हर्षवर्धन, नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेता उपस्थित हैं। मोदी के भाषण से ठीक पहले शंखनाद हुआ। मोदी का भाषण लाइव-
मोदी ने कहा- भारत माता की जय। जिन लोगों ने हिन्दुस्तान के सामने नया इतिहास रचा है, मैं उस जनता को धन्यवाद देता हूं, मैं वरुण देवता का भी आभार प्रकट करता हूं, जिनकी कृपा हमारे ऊपर आज है। परमात्मा को प्रणाम करता हूं। दिल्ली वह जगह है, जहां एक मां की सरकार है, एक बेटे की सरकार है। नई दिल्ली में तो ढेर सारी सरकारें हैं। मां की, बेटे की, दामाद की भी सरकार।
देश का प्रधानमंत्री दिल्ली में है, वो सरदार हैं, लेकिन असरदार नहीं। एक बात निश्चित है कि गठबंधन की सरकार बनती है, अंक गणित के हिसाब से, लेकिन गठबंधन की सरकारें चलती हैं, कैमिस्ट्री के हिसाब से। अंक गणित सरकार बनाने के लिये काम आता है, लेकिन केमिस्ट्री मैच नहीं होती तो सरकार चल नहीं पाती। एक ऑर्गैनिक एनटीटी नहीं बनती। स्वास्थ्यवश इकठ्ठे हुए लोगों का जमघट होती है। आज जो दिल्ली में यूपीए की गठबंधन सरकार पास-पास तो है, लेकिन साथ-साथ नहीं।
शीला के पास रिबन काटने के अलावा कोई काम नहीं
मोदी ने कहा- सबसे सुखी मुख्यमंत्री हैं तो वो दिल्ली की हैं। उन्हें एनिमल हस्बेंड्री, मछुवारों, किसानों, किसी से मतलब नहीं। कानून व्यवस्था खराब तो केंद्र को जिम्मेदार ठहरा देती हैं। उनके पास रिबन काटने के अलावा कोई काम नहीं। जब निर्भया जैसी बेटियों का बलात्कार होता है, तो कहती हैं कि मैं भी एक मां हूं, मुझे पीड़ा होती है। फिर कहती हैं, मैं मां होने के नाते सलाह देती हूं, कि बेटियां जल्दी घर लौट आओ।
यह तो हर परिवार में मां, बाप भाई बहन सब कहते हैं, आप तो मुख्यमंत्री हैं, आपकी जिम्मेदारी कहां है। दिल्ली में मुख्यमंत्री को कोई कठिनाई नहीं, कोई काम का हिसाब नहीं देना, कोई जवाबदेही नहीं। या तो दोष ऊपर दे दो, या नीचे दे दो।
कॉमनवेल्थ के जरिये देश की इज्जत लूटी
मोदी ने कहा कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार हुआ, तो मैडम ने सारा दोष कमेटी को मढ़ दिया। सच पूछिए तो कामनवेल्थ घोटाला करके दिल्ली सरकार ने देश की इज्जत लूट ली है। यह डाका सिर्फ तिजोरी पर नहीं डाला है, बल्कि आने वाले 20 सालों में मिलने वाले अवसरों पर ताला लगा दिया है। कोरिया, चीन जैसे देशों ने ओलंपिक कराकर अनपे देश की ब्रांडिंग की और नक्शा बदल दिया।
भाईयों आये दिन इस देश की सुप्रीम कोर्ट सरकार के खिलाफ कठोर शब्दों का उपयोग करती है, लेकिन यह ऐसी आदत हो गई है, दिल्ली में बैठे राजनेताओं को, कांग्रेस को, साथी दलों को भ्रष्टाचार की ऐसी आदत हो गई है, जैसे एक शराबी को शराब की लत लग जाती है। कितना ही कहो, बंद करने को तैयार नहीं होता। एक बार एक शराबी सुबह से ही बोतल खोलकर बैठ गया। अखबार पढ़ रहा था, इत्तेफाक से अखबार में शराब पीने के नुकसान का आर्टिकल छपा था। बीवी ने कहा, पढि़ये और अब बंद कीजिये, देखिये, अखबार कहता है, शराब पीने से नुकसान होता है। शराबी ने दूसरे ही दिन अखबार बंद कर दिया। बीवी ने पूछा यह क्या किया, तो बोला तुमने ही तो कहा था, नुकसानदेह है। यही हाल दिल्ली में बैठी सरकार का है। जिस काम में भ्रष्टाचार निकलकर आता है, काम बंद कर देते हैं।
मोदी की आप बीती
मैं बहुत छोटा था, ट्रेन से सफर कर रहा था। एसी-वीसी तो नसीब में नहीं था, रिजर्वेशन क्या था, नहीं जानते थे, तो एक सज्जन ने टीटी से कहा ये समाजसेवी हैं, इनको बर्थ दे दो। उसने बोला आबू से मिल जायेगी। मैंने टीटी से पूछा कि भाई बर्थ दे दो, तो बोला मुझे पैसे लेने की आदत पड़ गई है, आबू से मेरी ड्यूटी खत्म हो जायेगी, उसके बाद जो टीटी आये, उससे ले लेना। ऐसा ही हाल यूपीए सरकार का है।
अटल जी की सरकार का कोई भी काम देखेंगे, हर काम में ऊंचाईयों को छूने के प्रयास किये। आज सरकार सिर्फ गांधी भक्ति में डूबी हैं। ये गांधी छाप नोटों को टनों में उठाकर ले जाना, यह उनकी भक्ति है। लाखों करोड़ों में यह रकम इतनी है कि जनपथ जाते हुए भी शून्य लगाते जाओ खत्म नहीं होगी। नई गांधी भक्ति में यह यूपीए डूबा हुआ है।
भाईयों बहनो- देश आजाद हुआ, हमें स्वराज मिला। इतने साल हो गये, लेकिन ये देश सुराज्य के लिये तरस रहा है। चारों तरफ गुड-गवर्नेंन्स के लिये तरस रहा है, सुशासन, सुराज्य, यह ऐसा राज्यमार्ग है, जो हमें समस्याओं से मुक्त कर सकता है। लेकिन कांग्रेस पार्टी को कुशासन की आदत लगी हुई है, यह डायबेटीज जैसा है। कांग्रेस देश के लिये डायबटीज की बीमारी जैसी है, जो एक बार लग जाये तो जीवन भर छोड़ती नहीं। यह शरीर को खोखला कर देती है।
आपका भविष्य किसके हाथों में सलामत है?
भाईयों-बहनों, आप कब तक रोजगार के लिये दर दर भटकते रहोगे, आप कब सम्मान से जी पाओगे, हमारे देश के नौजवान का भविष्य कितसे हाथों में सलामत है। नौजवान मेहनत के लिये तैयार है, लेकिन यूपीए सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। एनडीए की सरकार के दौरान हिन्दुस्तान में रोजगार देने की दर 42 प्रतिशत थी, आज घट कर 38 प्रतिशत हो गया। अटल जी ने छह साल में 6 करोड़ लोगों को रोजगार दिया था। यूपीए सरकार ने सिर्फ 27 लाख लोगों को रोजगार दिया। क्या कांग्रेस के हाथों में देश के नौजवानों का भविष्य सुरक्षित है? आपके भविष्य के लिये कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का संकल्प करो।
केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड
केंद्र सरकार हमेंशा राज्य सरकारों के कार्यों के बल पर पीठ थपथपा लेती है, लेकिन उन मंत्रालयों की बात करें, जो सिर्फ केंद्र के अधीन हैं। रेलवे- चीन ने 50 हजार किलोमीटर लाइनें बिछा दीं, भारत ने मांत्र 3 हजार किलोमीटर। नेशनल हाईवे- एनडीए के राज में 24 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण हुआ, कांग्रेस ने 9 साल में मात्र 16 हजार किलोमीटर सड़कें बनायीं। विमानन विभाग का हाल पहले ही खस्ता हाल है। लगातार घाटे में जा रहा है।
एक महत्वपूर्ण बात
हमारे प्रधानमंत्री अमेरिका में हैं, वो ओबामा के सामने बैठे थे, ओबामा को मिले, और कहा 125 करोड़ जनता का पीएम हजारों संस्कृतियों की विरासत रखने वाले देश का पीएम गिड़गिड़ाते हैं, कहते हैं, "ओबामा जी, मैं गरीब देश का पीएम हूं, मेरा देश गरीब है..." पीएम साहब आपने ओबामा के सामने वही किया, जो हिन्दुस्तान के कुछ फिल्ममेकर देश की गरीबी को दुनिया में बेचकर अवार्ड ले आते हैं। आप भी उसी दिशा में चल दिये। अगर आप ओबामा के सामने शान से खड़े होते, कि मेरा वो देश है, जहां 65 प्रशित लोग युवा हैं। शर्म आनी चाहिये आपको।
मैं पूछना चाहता हूं, कि आपने जो ओबामा को कहा, क्या वो स्टेट ऑफ माइाड था। आपने किस गरीबी की बात की, शहजादे वाली गरीबी की या गली मोहल्ले वाली गरीबी की। प्रधानमंत्री जी आप आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को मिलने वाले हैं। नवाज शरीफ को मिल रहे हो। वो गर्मजोशी से आपको मिलना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री जी इस देश को शक है, कि आप नवाज शरीफ से क्या बातें करेंगे। आप पाक प्रधानमंत्री से क्या बातें करेंगे। उससे पहले मेरे देशवासियों। मैं एक दिल को चोट पहुंचने वाली बात बताना चाहता हूं। वो चोट पूरे हिन्दुस्तान को पहुंचना स्वाभाविक है। वो यह कि कल, पाक के पीएम ने हिन्दुस्तान-पाकिस्तान के पत्रकारों को नाश्ते पर बुलाया था। और जहां हिन्दुस्तान के पत्रकार मौजूद थे, नवाज शरीफ की मिठाई खा रहे थे, उस समय नवाज शरीफ ने कहा, हिन्दुस्तान के पीएम देहाती औरत जैसे हैं।
नवाज शरीफ को ललकारा
हिन्दुस्तान से हम मेरे पीएम से लड़ेंगे, लेकिन मैं कहना चाहूंगा, नवाज शरीफ आपकी क्या औकात है। आप मेरे देश के देहाती औरत कहकर संबोधित कहकर संबोधित करते हो। यह कहते हो कि वो देहाती औरत की तरह ओबामा के पास जाकर मेरी शिकायत करते हैं। हिन्दुस्तान में 125 करोड़ एक हैं। हमारे पीएम का अपमान यह देश सहन नहीं करेगा।
मैं उन पत्रकारों से पूछना चाहता हूं, जो नवाज शरीफ की मिठाई खा रहे थे, उनसे हमारी अपेक्षा थी, कि वो मिठाई ठुकरा कर चल देते। वो पत्रकार भी देश की जनता को जवाब दें। देश की इज्जत होती है, देश का स्वाभिमान होता है। भाईयों बहनों, हिन्दुस्तान की धरती पर हमारा राजनीतिक, वैचारिक विरोध है, देश की बर्बादी की पीड़ा है, हम लड़ेंगे घर में लड़ेंगे, लेकिन दुनिया के किसी देश को मेरे देश पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं है।
नवाज शरीफ में इतनी हिम्मत आयी कैसे, उमर की भी इज्जत नहीं की। यह हिम्मत आयी इसलिये क्योंकि हमारे देश के प्रधानमंत्री की पार्टी में ही उनकी इज्जत को मिट्टी में मिला दिया गया है। मैं अगर सीधी बात करूं तो कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की पगड़ी उछाल दी है। कितना बड़ा पाप किया है। प्रधानमंत्री जी आज आप नवाज शरीफ को मिलने वाले हैं। देश को शक है कि आप नवाज शरीफ के सामने सिर ऊंचा उठाकर, सीना तान करके, ऊंची आवाज में बोल पाओगे की नहीं। क्योंकि कुछ वर्षों से बोलने की आदत आपकी चली गई है।
देश को शक है कि आप पाकिस्तान के सामने बैठकर पाक-ऑक्यूपाइड कश्मीर देश को कब मिलेगा, उसकी तारीख की चर्चा कर पायेंगे कि नहीं, आतंकवादी घटनााओं में पाकिस्तान की मदद बंद होगी कि नहीं, आप इस पर चर्चा कर पाओगे कि नहीं, हमें शक है। हिन्दुस्तान के सैनिकों के कटे हुए सिर वापस ला पायेंगे कि नहीं। अगर आप उनके कटे हुए सिर वापस ले आओगे, तो देश का हौंसला बढ़ जायेगा।
परिवारशाही और लोकशाही के बीच युद्ध
भाईयों-बहनो परिवारशाही लोकशाही को नोंचने के लिये उतारु है। अब देश की जनता को फैसला करना है कि देश संविधान के अनुसार चलेगा, या शहजादे की इच्छा के अनुसार चलेगा। देश लोकतंत्र की मर्यादाओं पर चलेगा या शहजादे की जिद पर चलेगा।
यह परिवारशाही, ये शहजादे, न सिर्फ प्रधानमंत्री की पगड़ी उछाल रहे हैं, संसद का अपमान कर रहे हैं, कैबिनेट नाम की व्यवस्था का अपमान कर रहे हैं। मैं यूपीए के साथी दिग्गजों से पूछना चाहता हूं। जब पीएम साहब जी-20 सम्मिट से लौट कर आ रहे थे तो यह घोषित कर दिया था कि वो किसी के अंडर में काम करने को तैयार हैं। शहजादे उनके बॉस हैं। मैं सहयोगी दलों से पूछना चाहता हूं कि संविधान पर चलना चाहते हो, या देश के संविधान के अनुसार चलेंगे या शहजादे की इच्छा पर चलेंगे।
ड्रीम टीम चाहिये
चुनाव आ गये हैं। 2014 में देश का भविष्य तय होना है, देश को अब डर्टी टीम नहीं, ड्रीम टीम चाहिये। देश की आजादी के 75 साल होने वाले हैं। हमें अमृत महोत्सव मनाना है।
यूपीए सरकार की सोच थम गई। रेलवे बजट में सिर्फ किराये तक सीमित रह जाते हैं। आम बजट में सिर्फ आयकर सीमा, सेंसेक्स तक सीमित रह जाता है। प्लानिंग कमीशन के दस्तावेज देख लीजिये, तारीख बदलते हैं, अंदर का माल वही का वही पिछले पचास साल से परोस रहे हैं। 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 से कम आयु की है। हम सपना देशें कि जब देश अमृत महोत्सव मनायेगा, तब गरीब के घरों में दोनो टाइम चूल्हा जलेगा, 75 साल से ज्यादा के लोग परेशान नहीं होंगे। हम सपना लें, हर देशवासी एक सपना बुने तो सच होने पर 125 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा यह देश।
मोदी ने की अपनी बात
मित्रों आप भारतीय जनता पार्टी की उदारता देखिये, जो इंसान कभी रेलवे के डिब्बे में चाय बेचकर गुजारा करता था, ऐसे गरीब परिवार के एक बच्चे को आज आपने यहां बिठा दिया है। भाईयों बहनों मैं मन से न कभी शासक था, न शासक हूं और न हीं शासक बनने के सपने देखता हूं। मैं सेवक था, आज भी सेवक हूं और कल भी आपका सेवक हूं। मैं नाथ नहीं मैं दास हूं, दास बनकरके आपकी सेवा करने के लिये आपको विश्वास देता हूं। आज पूरा देश सुन रहा है मुझे। मैं कहना चाहता हूं, कि आप भाजपा पर भरोसा करिये, मेरे बीते हुए कल को तराशिये, मेरे काम पर भरोसा कीजिये, मेरी पार्टी के काम पर भरोसा कीजिये। मैं विश्वास दिलाता हूं, न नरेंद्र मोदी न भाजपा हम कभी भी आपका भरोसा टूटने नहीं देंगे। आपके सपनों के लिये जियेंगे, जरूरत पड़ी तो आपके सपनों के लिये अपने आपको खपा देंगे।
जैसे मेरी पार्टी के संस्कार हैं, अटल जी, आडवाणी जी, कुशाभाऊ ठाकरे जैसे लोगों ने हमारा लालन पालन किया। उन्हीं के दिये हुए संस्कार ही हमारे चरित्र में हैं। सरकार का भी चरित्र होता है। मेरे लिये सरकार का एक ही मजहब होता है, एक ही धर्म होता है, वह होता है नेशन फर्स्ट इंडिया फर्स्ट। एक ही धर्मग्रंथ होता है। वो है भारत का संविधान। एक भी भक्ति- भारत भक्ति। एक ही शक्ति- सवा सौ करोड़ की शक्ति। एक ही नारा होता है सबका साथ, सबका विकास।
भारत के प्रधानमंत्री का हौंसला बुलंद करने के लिये दोनों हाथ ऊपर करके बोलिये वंदे मातरम.....
नवजोत सिंह सिद्धू- सिद्धू ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश को सोने की चिड़िया बनाना चाहते हैं, जबकि मनमोहन देश को सोनिया की चिड़िया बनाने में लगे हैं। मौसम बदल रहा है, हर चीज बदल रही है, कांग्रेस जा रही है, बीजेपी आ रही है। है अंधेरा बहुत अब सूरज निकलना चाहिये, कैसे भी हो, मौसम बदलना चाहिये, अब जनाजा धूम से उनका निकलना चाहिये। सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस की ने जमकर मदिरा पी ली है और सत्ता के नशे में चूर है। अब उसे जाना ही चाहिये।
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