'स्पूनगेट' कांड पर 16 मई तक होगी नए जज की नियुक्ति: सिब्बल

केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यदि मोदी सीएम रहते हुए महिला जासूसी करवा सकते हैं, तो पीएम बनकर वह क्या-क्या कर सकते हैं, इसका अंदाजा अासानी से लगाया जा सकता है।
अंग्रेजी दैनिक अखबार इक्नॉमिक टाईम्स में छपी खबर के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ का नाम इसके लिए नामित करने का अनुरोध किया गया है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इटी से कहा कि "प्रक्रिया जारी है... इस मामले में कुछ होने की उम्मीद है।"उन्होंने यह भी कहा कि यह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा।
खबर के मुताबिक कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार जल्द ही गुजरात के कथित महिला जासूसी कांड की जांच करवाने के लिए एक कमीशन का गठन कर सकती है जिसके अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज हो सकते हैं। खबर है कि सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ से कोर्ट के किसी एक सिटिंग जज का नाम जांच के लिए देने की मांग कर सकती है।
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माना जा रहा है कि सरकार चुनावी मौसम में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए ये कदम उठा रही है। गौरतलब है गुजरात के कथित जासूसी कांड में मोदी और मोदी सरकार में मंत्री अमित शाह पर एक महिला की कथित जासूसी के आरोप लगते रहे हैं औऱ कई दफा इसकी जांच की मांग भी उठती रही है। गृहमंत्री शिंदे के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया को शुरु कर दिया गया है और उन्हे उम्मीद है कि चुनाव आयोग को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
इससे पहले बीजेपी नेता अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा था कि, 'वह उस जज का नाम जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं, जो यूपीए के सामने खुद को समर्पित करने को सहमत हो गए हैं। मुझे लगता है कि न्यायिक गरिमा को बनाए रखने के लिए कोई भी जज इस निराशाजनक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहेगा। हालांकि ताजा प्रतिक्रिया में सपा के राम गोपाल यादव ने मोदी के स्नूपगेट कांड की जांच में समर्थन देने की बात कही है।












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