राष्ट्रपति चुनाव में बाजी भाजपा के हाथ, ये रहा जीत का फॉर्मूला

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में टीआरएस सरकार के पक्ष में वोट करेगा। एआईएडीएमके का साथ सरकार को मिलना करीब-करीब तय है।

नई दिल्ली। विपक्ष चाहे लाख कोशिश करे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरकार मजबूत स्थिति में है। केंद्र सरकार को पूरा भरोसा है कि उसकी तरफ से चयनित उम्मीदवार ही देश का अगला राष्ट्रपति होगा। बीजेपी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक बीजेपी 54 प्रतिशत वोटों के साथ अपने उम्मीदवार की जीत के प्रति आश्वस्त है।

सरकार को मिलेगा टीआरएस और एआईएडीएमके का साथ

सरकार को मिलेगा टीआरएस और एआईएडीएमके का साथ

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में टीआरएस सरकार के पक्ष में वोट करेगा। एआईएडीएमके का साथ सरकार को मिलना करीब-करीब तय है।जिस तरह से भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में पकड़ मजबूत हुई है उसे देखते हुए माना जा रहा है कि भाजपा को अन्य दलों का समर्थन हासिल करने में खास मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा। भाजपा के लिए लगातार संख्या बढ़ रही है, वाईएसआर कांग्रेस, टीआरएस, एआईएडीएमके जैसे तमाम दलों ने आगे आकर भाजपा के समर्थन की बात सामने रखी है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी 54 प्रतिशत मतों के साथ अपनी जीत को तय मान रही है।

भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के साथ लंच कर रही है सोनिया

भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के साथ लंच कर रही है सोनिया

बीजेपी के नेता विपक्षी एकता पर सोनिया गांधी की तरफ से बुलाए गए लंच पर चुटकी ले रहे हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी की लंच में करप्शन के मामले दोषी लालू यादव पूर्वी पीएम मनमोहन सिंह के साथ बैठ रहे हैं। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बगल में करप्शन की आरोपी कनिमोझी बैठ रही हैं। फिर भी इनकी एकता बनाने से कुछ नहीं होगा।अगला राष्ट्रपति सरकार की पसंद का ही होगा।

बीजेपी के अंदर का ही होगा उम्मीदवार

बीजेपी के अंदर का ही होगा उम्मीदवार

ना पक्ष ना विपक्ष किसी ने भी राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अपना पत्ता नहीं खोला है। भाजपा के अंदर के नेता का मानना है कि देश के अगले राष्ट्रपति का उम्मीदवार पार्टी के अंदर का ही नेता होगा, इस पद के लिए कोई बाहरी उम्मीदवार नहीं होगा। भाजपा सूत्रों की मानें तो यूपी की प्रचंड जीत के बाद भी भाजपा के पास 17500 वोटों की कमी हैं। लेकिन वाईएसआर कांग्रेस, टीआरएस और एआईएडीएमके अपना समर्थन एनडीए को देती हैं तो भाजपा बहुत आसानी से अगले राष्ट्रपति का चुनाव करा सकती है।

जुलाई माह में होना है चुनाव

जुलाई माह में होना है चुनाव

आपको बता दें कि राष्ट्रपति का चुनाव जुलाई महीने में होना है, जिसके बाद यह फैसला होगा कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई माह में खत्म हो रहा है।

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