मोदी ने दिग्विजय से पूछा- आप तो जाकिर नाइक से भी नहीं डरते, वोट डालने से क्यों डर गए?
नई दिल्ली- कांग्रेस नेता और भोपाल से पार्टी उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के वोट नहीं डालने को लेकर मचा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को मध्य प्रदेश के रतलाम की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस रवैये पर सवाल उठाते हुए, उनपर हार की डर से वोट नहीं डालने का आरोप लगाया है।

दिग्गी राजा को हार का डर-मोदी
पीएम मोदी ने दिग्वजय सिंह पर साफ इल्जाम लगाया है कि वो भोपाल में हार की डर के कारण रविवार को राघोगढ़ वोट डालने के लिए नहीं गए। मोदी ने आरोप लगाया कि जब पूरा देश लोकतंत्र का पर्व मना रहा है। अपना प्रतिनिधि चुन रहा है, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति वोट डालने के लिए कतार में खड़े थे। लेकिन, दिग्गी राजा को लोकतंत्र की चिंता थी। न उन्हें नागरिक होने के कर्तव्य की चिंता थी।'

जाकिर से नहीं डरते, वोट डालने में डर क्यों?- मोदी
उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि उन्हें तो बस ये चिंता थी कि 'किसी भी तरह से मुझे बचाओ, वोट डालो, नर्मदा परिक्रमा भी मुझे बचा नहीं पाई, अब भोपाल वालों मुझे बचा लो। वरना मेरी तो नौकरी चली जाएगी। रो रहे थे कल। इसलिए वोट डालने की जरूरत नहीं समझी।' मोदी ने दिग्विजय सिंह पर कटाक्ष भरे अंदाज में कहा कि, "अरे दिग्गी राजा इतना क्यों डर गए? आप तो जाकिर नाइक से भी नहीं डरते हो। फिर आपको अपने ही क्षेत्र के लोगों से डर क्यों लगा?"

वोट का बहिष्कार क्यों किया-मोदी
पीएम ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा कि, आपकी 'मुख्यमंत्री से खींचतान हो सकती है। हो सकता है कि आपको वहां का उम्मीदवार पसंद न हो, घर का झगड़ा था चले जाते, उंगली दबाए बिना चले आते, लेकिन इतना तो कर देते। ऐसा क्या झगड़ा है, आपका कि आपने वोट का बहिष्कार कर दिया।' गौरतलब है कि भोपाल में दिग्विजय का मुकाबला साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ है, जिन्हें भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। जानकारों के मुताबिक भोपाल की सीट बीजेपी के लिए आसान सीट नहीं थी और इसलिए पार्टी ने उन्हें इसे चुनौती के रूप में लेने को कहा था। शायद, चुनाव के दिन दिग्विजय सिंह अपने संसदीय क्षेत्र से कुछ समय के लिए भी बाहर नहीं जाना चाहते थे, इसी चक्कर में उन्होंने अपने वोटर होने की जिम्मेदारी को ही नजरअंदाज कर दिया।












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