नाना पाटेकर बोले सिर्फ ऋण माफी से किसानों की आत्महत्या नहीं रुकेगी, वह भिखारी नहीं हैं
नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने किसानों की बदहाली को लेकर बयान दिया है, जिसकी वजह से वह चर्चा में आ गए हैं। एक कार्यक्रम के दौरान नाना पाटेकर ने कहा कि किसानों को कर्जमाफी दे देने से उनकी आत्महत्या नहीं रुकेगी, वो भिखारी नहीं हैं। नाना पाटेकर ने कहा कि नेता किसानों को पैसा नहीं देते हैं, इसमे कोई दिक्कत नहीं है। किसानों को सिर्फ कर्जमाफी की जरूरत नहीं है, उन्हें भावनात्मक सहयोग और उत्साहवर्धन की जरूरत है। हमे उनसे बात करने की जरूरत है, किसान भिखारी नहीं हैं।

शरद पवार को बताया राजनीति का चाणक्य
नाना पाटेकर ने यह बयान बुधवार को चिंचवाड़ में कलारंग संस्था द्वारा उनकी संस्था की 21वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया। इस दौरान नाना पाटेकर ने किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा उठाया। इस दौरान नाना पाटेकर ने एनसीपी मुखिया शरद पवार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शरद पवार हमेशा से ही उनके हीरो रहे हैं और वह भारतीय राजनीति के चाणक्य हैं। इसके साथ ही नाना पाटेकर ने अमित शाह को सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों के लिए काम कर रही संस्था नाम को आर्थिक मदद देने पर शुक्रिया अदा किया।
किसानों का दर्द किया बयां
पिछले वर्ष अप्रैल माह में नाना पाटेकर ने महाराष्ट्र में सूखे से बुरी तरह जूझ रहे किसानों की हालत पर कहा था कि कार के शीशे पर कोई भिखारी आए तो दुत्कारिएगा मत, वो हमारा किसान भी हो सकता है। ये बात कहते हुए नाना की आंखें भर आई थी। नाना पाटेकर ने लातूर और दूसरी जगहों पर इस साल पड़े भयानक सूखे के लिए काफी आर्थिक मदद भी की।
नाम फाउंडेशन चलाते हैं
बता दें कि नाना पाटेकर नाम फाउंडेशसन नाम की एक एनजीओ चलाते हैं। ये फाउंडेशन शिक्षा के लिए, अनाथ बच्चों के लिए, सूखा पीड़ितों किसानों के लिए काम करता है। अपने सामाजिक कामों के लिए लोगों के दिल में जगह बनाने वाले नाना पाटेकर 1978 से फिल्मों में सक्रिय हैं। उन्होंने हर तरह का रोल अपने करियर में किया है। 65 साल के नाना पाटेकर को अपने अभिनय के लिए कई अवार्ड मिल चुके हैं।












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