नागालैंड हिंसा: राजधानी कोहिमा में NSF की विशाल रैली, AFSPA हटाने की मांग
कोहिमा, 17 दिसंबर: इस महीने की शुरुआत में नागालैंड के मोन जिले में सेना की गोलीबारी में 14 नागरिकों की मौत हो गई थी। हालांकि बाद में सेना और सरकार ने गलती मानते हुए माफी मांग ली, लेकिन राज्य में इस घटना का विरोध जारी है। शुक्रवार को राजधानी कोहिमा में नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF) ने एक विशाल रैली का आयोजन किया। जिसमें मारे गए लोगों को इंसाफ दिलाने और AFSPA कानून को रद्द करने की मांग की गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार का प्रदर्शन इस वजह से महत्वपूर्ण हो गया, क्योंकि ये विरोध का लगातार तीसरा दिन है। इससे साफ हो रहा है कि इस मामले को लेकर नागा लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा। शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग कोहिमा की सड़कों पर निकले। उनके हाथ में 'AFSPA वापस लो' जैसे पोस्टर थे। इससे पहले मोन जिले में गुरुवार को बंद का आह्वान किया गया था। जिसके तहत सभी सरकार और निजी ऑफिस बंद रहे। साथ ही वाहनों की आवाजाही भी बाधित रही।
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वहीं दूसरी ओर कोन्याक संघ (कोन्याक नागा जनजाति का शीर्ष निकाय) ने सोम में एक आंदोलन शुरू किया। संघ ने कहा कि वो किसी तरह के राष्ट्रीय समारोह में भाग नहीं लेंगे। इसके अलावा सेना के नागरिक कार्यक्रमों में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी नहीं रहेगी और संघ क्षेत्र में भर्ती अभियान की अनुमति नहीं देगा। मोन जिले के अलावा राज्य के पूर्वी हिस्से किफिर, तुएनसांग, नोकलाक और लोंगलेंग में भी प्रदर्शन हुआ। साथ ही लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।
कैसे हुई थी घटना?
भारतीय सेना के कमांडोज ने मोन जिले में आतंकियों को पकड़ने के लिए जाल बिछा रखा था। इसी दौरान एक गाड़ी वहां से निकली। जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वो तेज रफ्तार से आगे बढ़ गई। जिसके बाद उन्होंने फायरिंग की। जिसमें कई लोगों की मौत हुई। बाद में वहां पर हिंसा हुई, जिससे बचने के लिए लिए भी जवानों को फायरिंग करनी पड़ी। इस घटना में अब तक 14 लोगों की जान गई है।












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