Women's Day से पहले नागालैंड में रचा गया इतिहास, सलहूतुनू क्रुसे बनीं पहली महिला मंत्री
नागालैंड को पहली महिला मंत्री मिली है। मंगलवार को सलहूतुनू क्रुसे ने मंत्री पद की शपथ ली।

नागालैंड में नई सरकार बन गई है, जहां नेफ्यू रियो ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। इस शपथग्रहण समारोह में एक नया इतिहास रचा गया, जहां पहली बार चुनाव जीतने वाली दो महिला विधायकों में से एक सलहूतुनू क्रुसे को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वो राज्य की पहली महिला मंत्री हैं। ऐसे में महिला दिवस के पहले इसे एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही।
नेफ्यू रियो के साथ कुल 9 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली, जिसमें सलहूतुनू क्रुसे भी शामिल हैं। उन्होंने बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन के टिकट पर पश्चिमी अंगामी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने उनका नाम कैबिनेट मंत्री के लिए आगे किया। शपथग्रहण के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे ये मौका पाकर खुशी महसूस हो रही है। अगर महिलाएं मेहनती और ईमानदार हैं तो वे भी सभी काम कर सकती हैं।
सिर्फ 7 वोट से मारी थी बाजी
आपको बता दें कि सलहूतुनू क्रुसे के सामने निर्दलीय उम्मीवाद केनिझाखो नखरो थे। दोनों में काफी कड़ी टक्कर हुई, जिसमें क्रुसे ने 7 वोट से बाजी मारी। चुनाव आयोग के मुताबिक क्रुसे को कुल 7078 वोट मिले, जबकि नखरो को 7071 वोट हासिल हुए। इस सीट पर नोटा ने भी खेल बिगाड़ा, क्योंकि उसके खाते में 80 वोट गए। उनके साथ ही एक और महिला प्रत्याशी हेकानी जखालू भी जीतीं, वो बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन के टिकट पर दीमापुर तृतीय विधानसभा से मैदान में उतरी थीं।
पति थे राजनीति में
क्रुसे लंबे वक्त से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। वो अंगामी महिला संगठन की अध्यक्ष भी रहीं। साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए काफी काम किया। उनके पति केविसेखो क्रूसे भी राजनीति में थे। उन्होंने 2018 में पश्चिमी अगामी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो हार गए। बाद में उनका निधन हो गया और उनकी जगह एनडीपीपी ने उनकी पत्नी सलहूतुनू क्रुसे को मैदान में उतारा।
8 मार्च को होता है महिला दिवस
पूरी दुनिया 8 मार्च को महिला दिवस मनाती है। ऐसे में एक दिन पहले क्रुसे का मंत्री बनना, राज्य की महिलाओं के लिए एक अच्छा संदेश है।












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