चीन में रहस्‍यमयी निमोनिया के बढ़े केस, ओडिशा सरकार ने जिलों से निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश

चीन में रहस्‍यमयी निमोनिया तेजी से फैल रहा है, ये खासकर बच्‍चों को शिकार बना रहा है। उत्‍तर पूर्वी चीन इलाके में लियाओनिंग प्रांत के बच्‍चे तेजी से इस बीमार पड़ रहे हैं। बच्‍चों को तेज बुखार, खांसी, जुकाम और फेफड़ों में जलन जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। चाइना में इस रहस्‍यमयी बीमारी के अन्‍य देशों में भी फैलने की आशंका जताई गई है, इस कारण से भारत के कई राज्‍यों ने अपने यहां निगारानी तेज कर दी है। ओडिशा सरकार ने भी अपने यहां सांस संबधी बीमारियों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है।

Pneumonia

बता दें चाइना ने बढ़ रही रहस्‍यमयी निमोनिया बीमारी के तेजी से फैसने के बाद भारत के स्‍वास्‍थ और परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने राज्‍यों से श्‍वसन संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल की तैयारियों के उपायों की समीक्षा करने को कहा था। जिसके बाद ओडिशा सरकार रविवार को उत्तरी चीन में बच्चों में हाल ही में सांस की बीमारी में वृद्धि को देखते हुए जिलों को परीक्षण बढ़ाने और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी पर निगरानी तेज करने का निर्देश दिया।

वैसे भी सर्दियों के मौसम की शुरुआत और श्वसन संबंधी बीमारियों की चक्रीय प्रवृत्ति के साथ बच्चों में श्वसन संबंधी बीमारियों का बढ़ना एक सामान्य घटना है और साथ में चाइना में रहस्‍यमयी निमोनिया के कारण ओडिशा सरकार ऐतिहात बरतते हुए निगरानी कर रही है।

देश के सभी राज्‍यों को अलर्ट करने के आदेश पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. निरंजन मिश्रा ने कहा, सभी मुख्य जिला चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड परीक्षण बढ़ाने और आईएलआई और एसएआरआई मामलों पर निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है।

साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने आश्वसन दिया है कि घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि अभी तक देश में कहीं भी किसी भी वायरस का कोई असामान्य व्यवहार नहीं पाया गया है, स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था करनी होगी और स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

डॉ मिश्रा ने कहा सर्दियों के मौसम की शुरुआत और श्वसन संबंधी बीमारियों की चक्रीय प्रवृत्ति के साथ बच्चों में श्वसन संबंधी बीमारियों का बढ़ना एक सामान्य घटना है। हमने हाल ही में फ्लू के कई मामले देखे थे। किसी भी असामान्य लक्षण के मामले में, नमूने अधिक शोध के लिए क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र को भेजे जाएंगे।

अधिकारियों को एकीकृत रोग निगरानी परियोजना की जिला निगरानी इकाइयों के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के बीच आईएलआई और एसएआरआई मामलों की बारीकी से निगरानी करने और समर्पित पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

https://hindi.oneindia.com/news/india/former-ias-officer-vk-pandian-joins-bjd-in-presence-of-cm-naveen-patnaik-852071.html
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