MY VOICE: योगेन्द्र और प्रशांत ने केजरीवाल के मन की नहीं मानी इसलिए किए गये बाहर
नयी दिल्ली। एक के बाद एक आरोपों की गंगा में बह रही आम आदमी पार्टी पर उन्हीं के पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। राजेश गर्ग ने खुलासा किया है कि 'आप' सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल दिसंबर 2013 में बीजेपी नेता अरुण जेटली और नितिन गडकरी के नाम से विधायक खरीदने के लिए फर्जी कॉल कराते थे।

बतौर राजेश गर्ग 2013 में सरकार बनाने से पहले कई बार उन्हें और अन्य पार्टी सदस्यों को प्राइवेट नंबर से फोन आता था और भाजपा के समर्थन के लिए 10 करोड़ रुपये का लालच दिया जाता था। इसी बीच खबर ये भी आ रही है कि आम आदमी पार्टी की सभी डिसीजन मेकिंग बॉडी से बाहर कर दिए गये प्रशांत और योगेन्द्र यादव जल्द ही एक नई पार्टी बनाकर पहले से ही मुश्किलों में फंसी आप और अरविन्द केजरीवाल को और अधिक परेशानियों में डाल सकते है।
इस पूर मामले में बिहार के रहने वाले भावेश झा का कहना है कि योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण बहुत कुशल व्यवहार के लोग हैं। भावेश का कहना है योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण ने पार्टी की भलाई के लिए कुछ बातें रखी जो केजरीवाल को पसंद नहीं थी इसलिए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
यह बात भावेश ने वनइंडिया के My Voice कॉलम के लिये कही। भावेश का कहना है कि आम आदमी पार्टी सिर्फ अरविंद केजरीवाल के पसंद और नापसंद से चलती है। अगर कोई कुछ कहे और वो केजरीवाल के मन से मिलती बात हो तो ठीक वर्ना बात कहने वाले को पार्टी से हटा दिया जायेगा।
भावेश ने साफ शब्दों में कहा कि अरविंद केजरीवाल 'मैनोपोली' कर रहे हैं और योगेन्द्र यादव को दरकिनार करने का नुकसान उन्हें भरना पड़ेगा। भावेश ने कहा कि केजरीवाल का सिर्फ एक मकसद है और वो ये है कि बस उन्हें फायदा होता रहे चाहें कितनी भी गंदगी फैले।
Disclaimer: My Voice कॉलम के अंतर्गत प्रकाशित होने वाली राय पाठक एवं आम जनता की राय है। इसमें वनइंडिया के विचार शामिल नहीं हैं।
आप भी रखें अपनी बात: किसी भी मुद्दे पर अगर आप अपनी बात वनइंडिया के माध्यम से रखना चाहते हैं, तो अपना मोबाइल नंबर, या फेसबुक आईडी हमें ई-मेल करें [email protected] पर।












Click it and Unblock the Notifications