कर्नाटक के हिंदू मंदिरों में मुस्लिम व्यापारियों के स्टॉल पर रोक- रिपोर्ट
बेंगलुरु, 23 मार्च। कर्नाटक के तटीय इलाके के कई हिस्सों में मंदिरों में लगने वाले वार्षिक मेलों में मुस्लिम व्यापारियों के स्टाल खोलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मुसलमान सालों से इन मेलों में स्टॉल लगा रहे हैं। हाल ही में हिंदूवादी संगठनों ने मुस्लिम व्यापारियों की भागीदारी पर आपत्ति लगाई थी जब इन कई मुसलमानों ने स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध को जारी रखने के उच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक 17 मार्च को न्यायालय के फैसले के विरोध में मुस्लिमों द्वारा अपनी दुकानें बंद करने से मंदिर में पूजा करने वाले भक्त नाराज थे जिसके बाद मुसलमान व्यापारियों को दुकान न आवंटित करने का फैसला किया गया।
हाल ही में मंगलुरु जिले के कोप शहर में होसा मारिगुडी मंदिर ने वार्षिक मेले के लिए दुकानों की नीलामी की थी जिसमें मुसलमानों को स्टाल आवंटित नहीं किए। मेला मंगलवार से शुरू हुआ था और बुधवार तक चलेगा।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रमेश हेगड़े ने कहा कि हिंदू संगठनों ने उनसे मुसलमानों को स्टॉल न देने की अपील की थी क्योंकि उन्होंने हिजाब मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान नहीं किया था। उन्होंने कहा, "दो दिनों तक चलने वाले उत्सव में एख लाख से अधिक लोग आएंगे। कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं हो इसलिए आम सहमति से निर्णय लिया गया।"
हेगड़े ने कहा कि दुकानों की नीलामी केवल हिंदुओं को की गई थी और जिन्हें दुकानें आवंटित की गई थीं, उन्हें कहा गया कि वे उन्हें मुसलमानों को न दें।
वहीं डेक्कन हेराल्ट में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने उडुपी जिले की कोल्लूर ग्राम पंचायत से गैर हिंदू व्यापारियों को कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर मेले में शामिल नहीं होने देने की अपील की।












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