कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरक्षण रोकने का आरोप, कहा- हर किसी को धोखा दे रही बोम्मई सरकार
Karnata Election 2023: कर्नाटक में 10 मई को चुनाव होने वाले हैं और 13 मई को परिणाम आएंगे। चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस आरक्षण को लेकर आमने सामने आ गई है।

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में अब 15 दिन से भी कम समय बचे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर फिर से शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में आज कांग्रेस ने भाजपा पर आरक्षण को लेकर जोरदार हमला बोला।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा और बोम्मई सरकार ने 27 मार्च 2023 के अपने स्वयं के आरक्षण आदेश पर रोक लगाने का अक्षम्य पाप किया है। कल सुप्रीम कोर्ट के सामने दिए गए एक बयान के माध्यम से भाजपा आरक्षण के नाम पर हर किसी को धोखा दे रहे हैं।
फिलहाल 9 मई तक मुस्लिम का आरक्षण नहीं होगा खत्म
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान निर्देश जारी करते हुए कहा था कि कर्नाटक सरकार का मुस्लिमों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण खत्म करने का फैसला 9 मई तक लागू नहीं होगा क्योंकि राज्य ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। जस्टिस के. एम. जोसेफ और जस्टिस बी. वी. नागरत्ना की बेंच ने कहा कि मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण फैसला 9 मई तक बरकरार रहेगा। उस दिन राज्य सरकार की तरफ से दी जाने वाली दलीलों पर बिना किसी पूर्वाग्रह के, इस मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी।
आरक्षण को लेकर क्या था बोम्मई सरकार का फैसला
कर्नाटक सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के मुसलमानों के लिए 4 फीसदी कोटा समाप्त करते हुए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की 2 नई श्रेणियों की घोषणा की थी। ओबीसी मुसलमानों के 4 फीसदी कोटे को वोक्कलिगा और लिंगायत समुदायों के बीच बांट दिया गया है। यही नहीं, आरक्षण के लिए पात्र मुसलमानों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के तहत वर्गीकृत कर दिया गया है।
ये हैं कर्नाटक चुनाव से संबंधित अहम तारीखें-
13 अप्रैल: कर्नाटक चुनाव की अधिसूचना जारी होगी
20 अप्रैल: नामांकन करने की आखिरी तारीख
21 अप्रैल: नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी
24 अप्रैल: नामांकन वापसी की आखिरी तारीख
10 मई: सभी 224 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग
13 मई: वोटों की गिनती












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