गला दबाकर नहीं, गले लगाकर भी बोला जा सकता है 'जय श्री राम'- मॉब लिंचिंग पर मोदी के मंत्री
नई दिल्ली- झारखंड में एक युवक की कथित तौर पर मॉब लिंचिंग में हत्या की घटना पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा है कि 'जय श्रीराम' का नारा गला दबाकर नहीं, गले लगाकर भी लगाया जा सकता है।

घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
खबरों के मुताबिक झारखंड की घटना को मुख्तार अब्बास नकवी ने बेहद 'जघन्य अपराध' ठहराया है। उन्होंने कहा है कि, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह की घटनाओं के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता। विकास के एजेंडे पर कोई विध्वंसक एजेंडा हावी नहीं होना चाहिए। जय श्रीराम गला दबाकर नहीं, गले लगाकर भी बोला जा सकता है।' नकवी के मुताबिक, 'जो लोग ऐसी चीजें करते हैं, उनका मकसद सरकार के सकारात्मक काम को प्रभावित करना है। कुछ घटनाएं हो रही हैं, उनको रुकना चाहिए।'

संसद में भी उठ चुका है मामला
सोमवार को यह मामला संसद में भी उठाया गया था। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस मसले पर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि झारखंड मॉब लिंचिंग का कारखाना बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि, 'मैं आपसे निवेदन करता हूं कि अपना नया इंडिया अपने तक सीमित रखें और हमें हमारा पुराना भारत लौटा दें, जहां जहां प्रेम, संस्कृति थी। जब मुसलमान और दलित आहत होते थे, तो हिंदुओं को दर्द महसूस होता था। जब कोई चीज हिंदुओं की आंख में गिर जाती थी, तो मुस्लिम और दलित भी उनके लिए आंसू बहाते थे।'

क्या है पूरा मामला?
घटना झारखंड के सरायकेला खरसावां की है, जहां भीड़ ने पिछले 18 जून को तबरेज अंसारी नाम के 24 साल के युवक को बाइक चोरी के आरोप में कथित तौर पर बहुत पिटाई की थी, जिसके कारण उसने चार दिन बाद 22 जून को उसने दम तोड़ दिया था।। आरोपों के मुताबिक भीड़ ने उससे जबरन 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के नारे भी लगवाए थे। अंसारी की डेढ़ महीने पहले ही शादी हुई थी। इस मामले में झारखंड पुलिस ने अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया और मामला सामने आने के बाद से पुलिस के दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है।












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