मुकेश अंबानी ने क्यों कहा भारत के लिए वरदान होंगे डोनाल्ड ट्रंप
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा भारत के लिए वरदान की तरह साबित हो सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। आईटी इंडस्ट्रीज को दी सलाह ट्रंप के रुख को वरदान की तरह स्वीकार करें।
मुंबई। जहां पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को लेकर परेशान हैं तो वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी की सोच इससे जरा हटकर है। उनका मानना है कि ट्रंप, भारत और यहां की इंडस्ट्रीज के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।

अपनी समस्याओं पर लगेगा ध्यान
मुंबई में नैसकॉम इंडिया लीडरशिप फोरम के दौरान अंबानी ने ट्रंप को लेकर अपने विचार जाहिर किए। उन्होंने कहा कि ट्रंप, भारत के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं। उनका कहा है कि यह भारत के कौशल और आईटी इंडस्ट्रीज को भारत में उनकी समस्याएं दूर करने पर ध्यान केंद्रीत करने पर प्रेरित करेगा। घरेलू बाजार काफी बड़ा है और ट्रंप की वजह एक मौका मिल सकता है जहां पर लोगों की जिंदगी को अच्छा बनाने के अलावा इंडस्ट्रीज की उत्पदकता बढ़ाने के लिए मौका मिल सकता है। अंबानी का बयान ऐसे समय में आया है जब इंडियन आईटी कंपनियां एच-1बी वीजा को लेकर ट्रंप के आने वाले रुख पर घबराई हुई है। टाटा संस के कार्यवाहक चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा हर समय कभी कोई चीज बदलती है या फिर कोई नहीं चुनौती आती है चाहे वह एच-1बी वीजा हो या फिर वीजा फीस में इजाफा हो, लोग हमेशा बातें करने लगते हैं कि आईटी इंडस्ट्रीज खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि आईटी इंडस्ट्रीज सबसे रोचक इंडस्ट्रीज में से एक है।
विदेश सचिव ने भी की ट्रंप पर टिप्पणी
इससे पहले भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बड़ा बयान दिया था। जयशंकर ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से डरने की जगह उनकी राजनीति और उसके प्रभावों को समझना ज्यादा उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा था कि ट्रंप के एक्शन शायद उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करने वाले होंगे जिन्होंने टैक्स की चोरी की है। उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों को ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ अमेरिका में सृजनात्मक काम किया है बल्कि टैक्स और रोजगार के पक्ष पर भी वह सही रास्ते पर हैं।












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