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मुगलसराय जंक्शन का दीनदयाल उपाध्याय से क्या है रिश्ता?

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    मुगलसराय। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर में प्रतिष्ठित मुगलसराय जंक्शन अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के नाम से जाना जाएगा। यूपी सरकार ने नोटिफेकशन जारी करके यह सूचना दी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि नागरिकों की मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मुगलसराय जंक्शन का नाम परिवर्तित कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया है। 

    आरएसएस और संघ परिवार की थी मांग

    आरएसएस और संघ परिवार की थी मांग

    आपको बता दें कि आरएसएस और संघ परिवार से जुड़े संगठन लंबे वक्त से मांग कर रहे थे कि मुगलसराय स्टेशन का नाम दीन दयाल उपाध्याय किया जाए, जिनकी मांग पर अब जाकर मुहर लगी है।

    दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय स्टेशन पर संदिग्ध हालत में मिला था

    दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय स्टेशन पर संदिग्ध हालत में मिला था

    गौरतलब है कि 1968 में आरएसएस-बीजेपी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पाया गया था, इसके बाद से ही लगातार इस स्टेशन का नाम बदलने की मांग हो रही थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय की पहचान एक महान चितंक के रूप में है, वो नई सोच और प्रगतिशील शोधक के रूप में लोगों के बीच में लोकप्रिय रहे हैं।

    आज भी राज है पं. दीनदयाल उपाध्याय की मौत?

    आज भी राज है पं. दीनदयाल उपाध्याय की मौत?

    उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को यूपी के मथुरा जिले में हुआ था। इन्होंने ही भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी थी। जनसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीन दयाल उपाध्याय का क्षत-विक्षत शरीर 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय के पास रेलवे लाइन के पास पाया गया था, तब से आज तक इस बात से पर्दा नहीं उठा कि दीन दयाल की मौत कैसे हुई?

    नाना जी देशमुख ने कहा था- दीन दयाल की हत्या राजनीतिक हत्या है..

    नाना जी देशमुख ने कहा था- दीन दयाल की हत्या राजनीतिक हत्या है..

    दीन दयाल उपाध्याय की मौत पर जनसंघ के महामंत्री नाना जी देशमुख ने 25 मार्च 1968 को नागपुर में कहा था कि उपाध्याय जी की हत्या, एक राजनीतिक हत्या है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर 1969 को जस्टिस वाई.वी.चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक आयोग गठित भी कर दिया गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा था दीनदयाल उपाध्याय की मौत चोरों द्वारा उन्हें ट्रेन से नीचे ढकेल देने के कारण हुई और ये कोई राजनीतिक हत्या नहीं है लेकिन मोदी सरकार के बनने के बाद एक बार फिर से दीन दयाल उपाध्याय की मौत की जांच की मांग दोबारा उठी है, लेकिन अभी इस ओर कोई कदम उठाया नहीं गया है।

    यह भी पढ़ें: Pandit Deendayal Upadhyay (1916-1968): ऐसा नेता जिसमें सच कहने की ताकत थी

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    English summary
    The Mughalsarai railway station of Uttar Pradesh is now Pandit Deen Dayal Upadhyay station Because Pandit Deendayal Upadhyaya was found dead on February 11, 1968 on a railway track near Mughalsarai station.

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