व्यापम घोटाला: पत्रकार की मौत, और कितनी जिंदगियों की बलि लेगा ये स्कैम
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। देश के सबसे बड़े रोजगार घोटाले मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाला में आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि व्यापम घोटाला और कितनी जिंदगियां लेगा? आखिर एक के बाद एक व्यापमं घोटाले के आरोपी की मौत कैसे हो रही है? क्यों घोटाले के आरोपी संदिग्ध हालात में मारे जा रहे हैं? आपको बताते चलें कि अक्षय सिंह व्यापम घोटाले में एक छात्रा नम्रता डामोर का नाम आने के बाद उसका शव संदिग्ध हालात में उज्जैन में रेलवे पटरियों के निकट पाए जाने के मामले में उसके माता-पिता का इंटरव्यू करने गये थे।

व्यापमं मामले में आरोपी होने के बाद मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के आरोपी बेटे शैलेश यादव की इसी साल मार्च में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। लखनऊ में मॉल एवन्यू में उनके आवास पर उनका शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया था। एक साल पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ डीके साकल्ले का घर में ही जला हुआ शव बरामद हुआ था। डॉक्टर साकल्ले के दौरान ही व्यापम घोटाले में पकड़े गए कई फर्जी मेडिकल छात्रों को निकाला गया था। आईए व्यापमं घोटाले के बारे में कुछ खास बात आपको बताते हैं।
7 परिक्षाओं में हुई धांधली
- नापतौल भर्ती परीक्षा
- एसआई भर्ती परीक्षा
- आरक्षक भर्ती परीक्षा
- दुग्ध संघ भर्ती परीक्षा
- संविदा शिक्षक वर्ग 3
- संविदा शिक्षक वर्ग 2
- वनरक्षक भर्ती परीक्षा
जिन छात्र/छात्राओं के मेडिकल परीक्षा रद्द किए गये
- वर्ष 2013- 439
- वर्ष 2012- 333
- वर्ष 2011- 98
- वर्ष 2010- 90
- वर्ष 2009- 85
- वर्ष 2008- 42
कानूनी कार्रवाई
- 55 मामले दर्ज
- 27 का चालान पेश
गिरफ्तारियां
- अबतक 2000 गिरफ्तारियां
- लगभग 600 लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी
शिवराज या यमराज
शिवराज या यमराज:व्यापम घोटाले में CM से लेकर राज्यपाल तक संदेह के घेरे में 43 लोग अपनी जान गँवा चुके।ये क्या हो रहा? pic.twitter.com/kDx69OzbAj
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 5, 2015 











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