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    यूपी फतह के बाद RSS के संस्कृत एजेंडे को बढ़ाने में लगी BJP

    By Rajeevkumar Singh
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    दिल्ली। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भारी जीत के बाद भाजपा और इससे जुड़ी संस्थाओं का मनोबल काफी बढ़ा है। इसी के तहत अब भाजपा शासित राज्यों में संघ के एजेंडे के तहत संस्कृत भाषा को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए आंदोलन छेड़े जा रहे हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री संस्कृत की वकालत कर रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश का है जहां एक मंत्री ने संस्कृत को प्रदेश की आधिकारिक भाषा बनाने और इसे बच्चों को पहली क्लास से पढ़ाने की मांग कर दी।

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    एमपी मंत्री ने की संस्कृत की वकालत

    एमपी मंत्री ने की संस्कृत की वकालत

    मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह ने संस्कृत को राज्यभाषा घोषित कर इसे पहली क्लास से बच्चों को पढ़ाने की वकालत की है। उन्होंने संस्कृत भाषा को देवभाषा बताया और कहा कि मध्य प्रदेश के पास हिंदी के अलावा और कोई आधिकारिक भाषा नहीं है इसलिए संस्कृत को राज्यभाषा का दर्जा दिया जा सकता है।

    यूपी के उपमुख्यमंत्री ने की संस्कृत बोर्ड बनाने की बात

    यूपी के उपमुख्यमंत्री ने की संस्कृत बोर्ड बनाने की बात

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी बुधवार को छात्रों को नैतिक रूप से सबल बनाने और उनके दिमाग को विकसित करने के लिए प्रदेश के एजुकेशन सिस्टम में संस्कृत बोर्ड बनाने की बात कही थी। दिनेश शर्मा ने कहा, "योग गुरु बाबा रामदेव कहते हैं कि संस्कृत बोर्ड का गठना होना चाहिए। इसमें योग को फिजिकल एजुकेशन से अलग एक सब्जेक्ट को तौर पर शामिल कर पढ़ाया जाना चाहिए।'

    दिनेश शर्मा ने देश के एजुकेशन सिस्टम में बदलाव की जरूरत की बात कहते हुए इस मसले पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से विचार-विमर्श करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोगों को संस्कृत भाषा के बारे में जानना चाहिए और इस तरह के सरकारी कदम पहले उठाए जाने चाहिए थे।

    गुजरात में आरएसएस की संस्था का संस्कृत मूवमेंट

    गुजरात में आरएसएस की संस्था का संस्कृत मूवमेंट

    गुजरात में संस्कृत भारती की प्रदेश शाखा ने इस प्राचीन भाषा को फिर से जिंदा करने और इसके विकास के लिए स्वतंत्र स्टेट संस्कृत एजुकेशन बोर्ड बनाने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। संस्कृत भारती राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की संस्था है जो भाषा को लेकर समर्पित है। आंदोलन के तहत संस्कृत भारती गुजरात के हर जिले में आम लोगों और संस्कृत विद्वानों के बीच '21 प्वाइंट' के नाम से हस्ताक्षर अभियान चला रही है।

    असम में 8वीं तक संस्कृत अनिवार्य

    असम में 8वीं तक संस्कृत अनिवार्य

    मार्च में ही असम में भाजपा सरकार ने आठवीं क्लास तक स्कूलों में संस्कृत पढ़ाने को अनिवार्य कर दिया जिसका राज्य में भारी विरोध हो रहा है।असम के क्षेत्रीय लोगों और संगठनों का कहना है कि संस्कृत को थोपने के बजाय असमिया भाषा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए।

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    English summary
    MP Min Vijay Shah said that Sanskrit should be made state language and should be taught in schools from class 1.
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