'मायावती का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण', BSP से सस्पेंड होने के बाद सांसद दानिश अली
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासन पर सांसद दानिश अली ने कहा कि उनका (बसपा प्रमुख मायावती) फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं कभी भी किसी भी तरह की पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं रहा। मेरे अमरोहा की जनता इसकी गवाह है।
दानिश अली ने आगे कहा कि मैंने बीजेपी सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया है और करता रहूंगा। अगर ऐसा करना अपराध है, तो मैंने यह अपराध किया है, और मैं इसकी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं। दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को सांसद दानिश अली को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आरोप है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

कांग्रेस से बढ़ सकती है नजदीकियां?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि दानिश अली की कांग्रेस के साथ नजदीकियां बढ़ सकती है। इन अटकलों की हवा इसलिए मिल रही है, क्योंकि हाल ही में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा दानिश अली पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दानिश अली के घर पर पहुंचकर मुलाकात की थी। इस दौरान दानिश अली भावुक भी हो गए थे। मुलाकात के बाद मीडिया के सामने दानिश अली ने कहा था कि राहुल से मिलकर लगा कि वो अकेले नहीं है, उन्होंने हौसला बढ़ाया है।












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