चुनावी सरगर्मी के बीच सीएम शिवराज ने रोकी 'जन आशीर्वाद यात्रा', बताई ये वजह
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान की रैलियों ही नहीं जन आशीर्वाद यात्रा के लिए भी भीड़ जुटाना चुनौती साबित हो रहा है। तो क्या यही कारण है कि जन आशीर्वाद यात्रा को अब रोकने के लिए पार्टी ने कदम उठाया है? शिवराज सिंह चौहान की बहुचर्चित जन आशीर्वाद यात्रा 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने से पहले ही जबलपुर में समाप्त हो गई। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान पिछले विधानसभा चुनाव की तरह जन समर्थन नहीं मिला, जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे।

जन आशीर्वाद यात्रा जबलपुर में समाप्त
ये भी कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश की सड़कों पर अपेक्षित भीड़ न होने के कारण इस यात्रा को बीच में ही रोकना पड़ा है। हालांकि इसको लेकर पार्टी की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन ये कहा जा रहा है कि अब सीएम की ये यात्रा आगे जारी नहीं रहेगी। मध्य प्रदेश में बीजेपी के सूत्रों और इस यात्रा का हिस्सा रही टीम का कहना है कि चुनाव में एक महीने का ही वक्त रह गया है और सीएम शिवराज को चुनावी तैयारियों जैसे उम्मीदवारों का चयन, घोषणा पत्र और अन्य रणनीति के लिए वक्त नहीं मिल पा रहा था। वे सीईसी के सदस्य हैं, इसलिए उन्हें टिकट वितरण के सिलसिले में दिल्ली भी जाना पड़ता है।

187 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच सकी यात्रा
जन आशीर्वाद यात्रा 25 सितंबर तक समाप्त होने की संभावना जताई गई थी जिसे 14 जुलाई को बीजेपी राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह ने उज्जैन से रवाना किया था। मालवा जैसे बीजेपी के गढ़ तक ये यात्रा पहुंचने में असफल रही तो वहीं सीएम उन इलाकों में भी नहीं पहुंच पाए जहां पाटीदारों में असंतोष की खबरें आई हैं।

कांग्रेस ने यात्रा को बताया असफल
हालांकि पार्टी अपने लक्ष्य से बहुत दूर नहीं है और करीब 187 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने में कामयाब रही है। सीएम शिवराज 2013 चुनाव के दौरान दो महीने में 206 विधानसभा क्षेत्रों तक इस यात्रा को लेकर गए थे। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि चुनाव नजदीक होने के कारण, जूते फेंके जाने और काफिले पर हमले की घटना के बाद सीएम आगे इस तरह की किसी अप्रिय घटना से बचना चाहते हैं। वहीं, एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने बताया कि सीएम जनता के बीच जाकर उनका समर्थन मांगेंगे। वे पूरे राज्य में बड़ी-बड़ी रैलियां और जनसभाएं करेंगे। जबकि कांग्रेस का कहना है कि भीड़ नहीं आने के कारण बीजेपी ने यात्रा बीच में ही रोक दी है। आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चे और योजनाओं के लाभार्थियों ने यात्रा में आना बंद कर दिया।












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