Most Wanted Terrorist: खूंखार आतंकी आरिज पैसों के लिए नेपाल में चलाता था रेस्टोरेंट, स्कूलों में पढ़ाता था
नई दिल्ली। 15 लाख रुपए के मोस्ट वांटेड आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने जुनैद को गिरफ्तार किया है, जिसके तार आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हुए है। जुनैद का नाम बाटला हाउस एनकाउंट में शामिल था, जिसके बाद वह फरार हो गया था। 19 सितंबर 2008 को जब बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ था तो जुनैद वहां से भागने में सफल रहा था। इस एनकाउंटर में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुनैद इस वजह से भागने में सफल रहा क्योंकि तीसरी मंजिल पर फ्लैट का आकार एल शेप में था। इस फ्लैट में तकरीबन 5 लोग किराए पर रहते थे, जिनपर आरोप था कि उन्होंने दिल्ली में सीरियल बम धमाकों को अंजाम दिया है।

कैसे पुलिस ने किया एनकाउंटर
बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान इंसपेक्टर धर्मेंद्र कुमार बतौर वोडाफोन एग्जेक्युटिव बनकर गए थे, जब उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि आरोपी फ्लैट में मौजूद है तो उन्होंने टीम को अलर्ट कर दिया, इस टीम का संचालन इंसपेक्टर मोहन चंद शर्मा कर रहे थे। जैसे ही शर्मा और उनकी टीम के सात सदस्य वहां पहुंचे तो दोनों तरफ से गोलियां चलने लगी और आरोपी भागने की कोशिश करने लगे। एक अधिकारी ने घटना को याद करते हुए बताया कि दूसरी तरफ फ्लैट का दरवाजा खुला था, जिसकी वजह से आरिज और शहजाद दूसरे घर की बालकनी से कूद गए और भागने में सफल हुए। हमारे दो अधिकारी नीचे मौजूद थे, लेकिन वह उन्हें पहचान नहीं सके, दोनों ही आरोपी लोगों की भीड़ में भागने में सफल हुए।

पैसों की खातिर कई जगह गया
इस एनकाउंटर में मोहन चंद शर्मा को उनकी छाती पर गोली लगी और वह शहीद हो गए। फ्लैट में रह रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार वहां से फरार होने के बाद शहजाद और आरिज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र स्थित अपने रिश्तेदार के घर शरण लेने के लिए गए, इन लोगों ने यहां लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी लेकिन उन्हें किसी ने मदद नहीं दी। तकरीबन एक महीने बाद दोनों अलग हो गए और शहजाद यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।

नेपाल की लड़की से शादी की
इसी दौरान आरिज नेपाल के निजामुद्दीन खान उर्फ निजाम खान के संपर्क में आया। एक अधिकारी ने बताया कि आरिज आरिज वाराणसी से बिहार गया और उसके बाद वह नेपाल के बिरतानगर पहुंचा। खान की मदद से आरिज नेपाल की नागरिकता हासिल करने में सफल हुआ और वहां का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया, उसने अपना नाम बतौर मोहम्मद सलीम पासपोर्ट पर लिखवाया था। आरिज नेपाल में रेस्टोरेंट चलाता था और अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाता था, यही नहीं उसने नेपाल की लड़की से शादी भी कर ली थी, जिसका नाम सारा था। आरिज की गिरफ्तारी के बाद मोहन चंद शर्मा की मां देविंदर देवी का कहना है कि यह अच्छा है कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन काश यह पहले हो सका होता, मैंने अपना बेटा खो दिया, अब वह कभी वापस नहीं आएगा।












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