कोरोना: 2 लाख भारतीय एच-1B वीजा धारकों की मुश्किलें बढ़ी, खो सकते हैं अमेरिका में रहने का अधिकार
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। इस साल करोड़ों लोगों की नौकरी जाने का अंदेशा जताया जा रहा है। कोरोना से अमेरिका भी बुरी तरह प्रभावित है, जहां अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं लॉकडाउन के चलते अमेरिका में रहने वाले दो लाख भारतीयों की भी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, जो जून तक अमेरिका में रहने का अधिकार खो सकते हैं।

दरअसल गैर अमेरिकी लोग जो अमेरिका में रहकर काम करते हैं, उन्हें वहां की सरकार एच-1B वीजा देती है। ये एक अस्थायी वर्क वीजा होता है। अगर किसी वजह से आप अमेरिका में बेरोजगार हो जाते हैं, तो वीजा नियमों के मुताबिक आप अधिकतम 60 दिन ही वहां रह सकते हैं। इसके बाद आपको या तो अमेरिका को छोड़ना पड़ेगा या फिर भारी भरकम जुर्माना चुकाना पड़ेगा। कोरोना के दस लाख से ज्यादा मामले अमेरिका में सामने आ चुके हैं। जिस वजह से वहां का कामकाज पूरी तरह से ठप है। वहीं अब वहां की कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रहीं या तो उन्हें छुट्टी पर भेज रही हैं। मौजूदा वक्त में दो लाख से ज्यादा भारतीय एच-1B वीजा धारक अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे में उनके सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। अप्रैल में नौकरी से निकाले गए कर्मचारी वीजा नियमों के मुताबिक जून तक अमेरिका में रहने की कानूनी वैद्यता खो देंगे। वहीं लॉकडाउन के चलते उनकी घर वापसी भी मुश्किल है।
ग्रीन कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना संकट के चलते देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को देखते हुए हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह नए ग्रीन कार्ड और वैधानिक स्थायी निवास पर अगले 60 दिनों के लिए पाबंदी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वे फिलहाल अमेरिका में अप्रवासन पर अस्थायी रूप से पाबंदी लगा रहे हैं। 60 दिन के बाद देश की आर्थिक हालात की समीक्षा के बाद इस पर आगे का फैसला लिया जाएगा। हालांकि जो लोग अमेरिका में अस्थायी रूप से आ रहे हैं, उनपर यह पाबंदी नहीं लगेगी।












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