भारतीयों की तरफ से स्विस बैंकों में जमा रकम में 6% की गिरावट, तीन दशकों बाद आई इतनी कमी
नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा भारतीयों की रकम में लगातार दूसरे वर्ष कमी आई है। साल 2019 में इसमें करीब छह प्रतिशत यानी 5.8 प्रतिशत तक की गिरावट हुई है। साल 2019 में करीब 7100 करोड़ रुपए स्विट्जरलैंड के बैंकों में हैं। कहा जा रहा है कि तीन दशकों में यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर गिरावट देखी गई है। साल 2006 में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था और उस समय करीब 14,400 करोड़ रुपए स्विस बैंकों में थे।

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साल 2016 में स्विट्जरलैंड से हुआ था करार
जब साल 2014 में एनडीए सरकार सत्ता में आई तो उसने अर्थव्यवस्था में काले धन पर लगाम लगाने के लिए कुछ कदम उठाए। माना जा रहा है कि ये उन कदमों का सफल नतीजा है कि काले धन में कमी आई है। साल 2016 में केंद्र सरकार की तरफ से स्विट्जरलैंड और भारत के बीच काले धन पर नियंत्रण लगाने के मकसद से सूचनाओं की अदला-बदली के लिए एक तंत्र बनाया गया था। ज्यूरिख स्थित स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) की तरफ से ये नए आंकड़ें जारी किए गए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक स्विस बैंकों में विदेशी जमा में 3.1 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा पैसा अब चीनी नागरिकों का स्विस बैंकों में है। चीन की तरफ से स्विस बैंकों में जमा साल 2018 में राशि में 13.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारत के एक और पड़ोसी पाकिस्तान के भी नागरिकों के काले धन में कमी आई है। साल 2018 में यह आंकड़ा 410 मिलियन था लेकिन साल 2019 में इसमें 45 प्रतिशत की गिरावट हुई है। अमेरिकी नागरिकों की तरफ से सबसे ज्यादा पैसा स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा किया गया है।












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