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'छेड़खानी के वक्त क्या पहना था, क्या तुम भीगी हुई थी, वकील ने भरे कोर्ट में मुझसे पूछा'

भले ही जमाना आगे बढ़ गया हो और हम कई कुरितियां पीछे छोड़ आए हों लेकिन महिलाओं के लिए ये समाज आज भी वैसा का वैसा ही है। आज भी भारत में महिलाएं न घर में सुरक्षित हैं और न सड़कों पर।

Molestation

बेंगलुरू। भले ही जमाना आगे बढ़ गया हो और हम कई कुरितियां पीछे छोड़ आए हों लेकिन महिलाओं के लिए ये समाज आज भी वैसा का वैसा ही है। आज भी भारत में महिलाएं न घर में सुरक्षित हैं और न सड़कों पर। आज भी महिलाएं जब अपनी लड़ाई लड़ने के लिए खड़ी होती हैं तो समाज बार-बार उन्हें पीछे खींचने की कोशिश करता है। बेंगलुरू में अपने हक की लड़ाई लड़ रही एक महिला को कोर्ट में वकील के ऐसे बेहूदे सवालों का शिकार होना पड़ा की इंसानियत भी शर्मसार हो जाए।

महिला ने सुनाई आपबीती

महिला ने सुनाई आपबीती

बेंगलुरू मिरर को दिए इंटरव्यू में अंकिता (बदला हुआ नाम) ने बताया कि जब वो अपने साथ हुई छेड़खानी के मामले में कोर्ट पहुंची तो उनसे किस तरह के सवाल पूछे गए। साल 2014 में बेंगलुरू में एयरलाइंस होटल के पास अंकिता से एक व्यक्ति ने छेड़छाड़ की कोशिश की थी। वो सड़क किनारे चल रहीं थीं जब एक कोरियर डीलिवरी वाले ने आकर उनके ब्रेस्ट को छुआ। अंकिता एकदम शॉक्ड रह गईं। उन्होंने तुरंत उसकी बाइक पर पैर रख दिया ताकि वो भाग न पाए। अंकिता चीखने-चिल्लाने लगीं। उन्होंने उसकी बाइक की चाभी भी निकाल ली और गाड़ी का नंबर भी याद कर लिया लेकिन क्योंकि गाड़ी चालू थी तो आरोपी भागने में सफल रहा।

जब वकील ने पूछा, 'उस वक्त क्या पहना था?'

जब वकील ने पूछा, 'उस वक्त क्या पहना था?'

पुलिस ने बाद में आरोपी को तो पकड़ लिया गया लेकिन कोर्ट में मामला आने के बाद से सभी अंकिता को दोषी ठहराने लगे। अंकिता ने बताया कि कोर्ट में उनसे ऐसे बेहुदे सवाल पूछे गए जिसे सुनकर उन्हें यकीन नहीं हुआ। जब उन्हें क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए कोर्ट में बुलाया गया तो कांस्टेबल ने उन्हें अपना टॉप ऊपर करने के लिए कहा। अंकिता ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'कांस्टेबल ने मजाक में कहा कि वो मुझसे पूछेंगे कि मैंने क्या पहना था जब आरोपी ने मुझपर हमला किया। हम सभी इस बात पर हंसे लेकिन मैं हैरान रह गई जब क्रॉस एग्जामिनेशन में मुझसे पहला सवाल यही पूछा गया। मुझे यकीन नहीं हुआ। मैंने आरोपी के वकील की तरफ देखा, अपने वकील और जज को देखा, इस उम्मीद में कि कोई इस घटिया सवाल पर कुछ कहेगा लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा।'

आरोपी के वकील ने एक के बाद एक पूछे बेहूदे सवाल

आरोपी के वकील ने एक के बाद एक पूछे बेहूदे सवाल

जब किसी ने आरोपी के वकील के सवाल पर आपत्ति नहीं दर्ज कराई तो अंकिता ने इसका जवाब दिया। अंकिता ने बताया कि उन्होंने जींस, टीशर्ट और स्वेटर पहना हुआ था। इस जवाब के बावजूद उनसे बेहुदे सवाल पूछने बंद नहीं हुए। आरोपी के वकील ने इसके बाद सवाल किया कि 'स्वेटर किस रंग का था? उस वक्त मौसम कैसा था? क्या वो भीगी हुई थीं? जब ये घटना घटी तब सड़क पर कितने लोग थे। सड़क के हालात क्या थे? वो कहां से लौट रहीं थीं? क्या आरोपी ने हेलमेट पहना था? आरोपी ने उनपर आगे से हमला किया या पीछे से? क्या उन्होंने अपनी कंप्लेन में लिखा कि आरोपी ने उनके ब्रेस्ट छूने की कोशिश की?'

आरोपी के परिवार ने अंकिता से लगाई माफी की गुहार

आरोपी के परिवार ने अंकिता से लगाई माफी की गुहार

आरोपी अपने साथ अपने परिवार को भी कोर्ट में लेकर आया था। वो अपनी मां, पत्नि और दो बेटियों को लेकर आया जोकि सभी अंकिता के सामने उसे माफ करने के लिए गिड़गिड़ा रहीं थीं। अंकिता ने भी एक बार सोचा कि अगर ये घर में इकलौता कमाने वाला है तो बाकी सभी क्या होगा। अंकिता शायद उसे माफ कर देतीं लेकिन उनके दोस्तों और कांस्टेबल ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। कांस्टेबल ने अंकिता को कहा कि काफी कम केसों में आरोपी पकड़ में आता है। उनका केस मजबूत है, इसलिए वो अपनी लड़ाई जारी रखें। अंकिता ने कहा कि भले ही लगता हो कि ये जमाना आगे बढ़ गया है और ये साल 2018 है लेकिन हालात आज भी वैसे के वैसे ही हैं।

लाख मुश्किलों के बावजूद अंकिता ने जारी रखी अपनी लड़ाई

लाख मुश्किलों के बावजूद अंकिता ने जारी रखी अपनी लड़ाई

'आज भी हम ऐसी घटनाओं को भूलने की, दबाने की कोशिश करते हैं। हमने इन चीजों की आदत सी बना ली है।' उन्होंने बताया कि जब वो इस घटना की शिकायत दर्ज कराने कबन पार्क पुलिस स्टेशन गई थीं तो वहां का स्टाफ काफी सपोर्टिव था। अंकिता का कहना है कि वो अब पीछे नहीं हटेंगी। वो इतनी आगे तक आई हैं और अपनी लड़ाई भी जारी रखेंगी। 'भले इससे मोलेस्टर्स को महिलाओं की इज्जत करना न आए लेकिन ये उन्हें कानून का डर जरूर सिखाएगा।' अंकिता का कहना है कि महिलाओं को ऐसे मामलों को दबाना नहीं चाहिए और खुलकर इसके खिलाफ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं इन मुद्दों के खिलाफ नहीं लड़ेंगी तो मोलेस्टर्स को बढ़ावा मिलेगा।

घटना के बाद एकदम सहम गई थीं अंकिता

घटना के बाद एकदम सहम गई थीं अंकिता

अंकिता के लिए भी ये लड़ाई आसान नहीं थी लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत दिखाई। उन्हें रोज डर लगता था कि कोई उनका चाकू या एसिड लेकर पीछा कर रहा है। उनकी मां उन्हें बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने को कहती थीं। अंकिता ने दिसंबर 2015 में पुणे में भी एक मोलेस्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। वो सड़क पर चल रहीं थीं जब पीछे से एक आदमी ने उन्हें छूने की कोशिश की। उस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। अंकिता को उम्मीद करती हैं कि उस केस में भी आरोपी को सबक मिले।

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