चीन में फल से पेट पूजा करेंगे मोदी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी चीन यात्रा के दौरान भोजन में फलाहार पर ही जोर देंगे। चूंकि चीनी डिशेज में वेज डिशेज के लिए कोई स्थान नहीं है, इसलिए उनके लिए फलाहार पर ही निर्भर रहना पड़ सकता है। हां, वे अपने साथ अपने निजी कुक को ले जा सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चूंकि चीन में भारतवंशियों की आबादी भी खासी कम है,इसलिए वहां पर भारतीय थाली मिलना मुश्किल होगा। वैसे भी मोदी होटलों और रेस्तरां का पका भोजन करने से बचते हैं।
चीनी डिशेज का मतलब
दिल्ली में रहने वाले भारतीय मूल के चीनी जार्ज च्यू ने बताया कि चीनी डिशेज का मतलब है नान-वेजिटेरियन। वहां पर हर डिश मांसाहारी ही होती है। इसलिए चीन उन सभी लोगों के लिए बेहद खराब देश है,जो मांसाहारी नहीं है।
पक्के शाकाहारी मोदी
मोदी के बारे में सब पता है कि वे पक्के शाकाहारी है। उन्होंने मांसाहारी भोजन शायद जीवन में कभी चखा तक नहीं है। दरअसल गुजराती भोजन में मांसाहारी व्यंजन नहीं होते।
ताजा फल व्हाइट हाऊस के
आपको याद होगा कि पिछले साल सितंबर में जब मोदी अमेरिका गए थे तब नवरात्र चल रहे थे। उस दौरान वे फलाहार पर ही रहे थे ज्यादातर समय। हां, कभी-कभी किसी गुजराती परिवार के घर में बनी व्रत थाली उन्हें पेश कर दी जाती थी। उस दौरान बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने मोदी के लिए अपने व्हाइट हाऊस के बगीचे के ताजा फलों की पर्याप्त व्यवस्था की थी।
सूत्रों ने कहा कि ये भी ममुकिन है कि वे अपने साथ अपने निजी कुक लेकर जाएं चीन। दरअसल उन्होंने पिछले साल पटना धमाके के बाद घर से बाहर पका भोजन करना बंद कर दिया है। वे अपनी कुछ यात्राओं में अपने कुक भी लेकर गए हैं।
जरदारी का भिंडी प्रेम
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भिंडी बहुत पसंद करते हैं। वे जब भी विदेश यात्रा पर जाते थे तब उनके लिए मेजबान देश भिंडी की व्यवस्था करता था। वे अपने साथ भी जिन कुक को लेकर जाते थे, वे भिंडी लेकर ही जाते थे।












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