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गुजरात में मोदी ग़लत बोले या ग़लती से बोले?

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    नरेंद्र मोदी, बयानबाज़ी, इंदिरा गांधी
    Getty Images
    नरेंद्र मोदी, बयानबाज़ी, इंदिरा गांधी

    बुधवार को मोरबी से गुजरात विधानसभा चुनाव की प्रचार सभा को संबोधित करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती साप्ताहिक पत्रिका 'चित्रलेखा' के हवाले से मोरबी में सन् 1979 में हुई मच्छू डैम टूटने की दुर्घटना के बारे में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर तंज़ कसा.

    पत्रिका के टाइटल पेज पर छपी तस्वीर का हवाला देकर उन्होंने कहा, "मोरबी दौरे के समय इंदिरा गांधी मुंह पर रूमाल रखकर इधर-उधर भागने की कोशिश कर रही थीं."

    मोदी के भाषण के बाद बीबीसी गुजराती के पत्रकार चिंतन रावल को 'चित्रलेखा' के संपादक भरत घेलाणी की ओर से पत्रिका के उस अंक में टाइटल पेज पर छपी तस्वीर मिली.

    इस तस्वीर में साफ दिख रहा है कि उस वक्त सिर्फ इंदिरा गांधी ने ही नहीं, जनसंघ और आरएसएस के स्वयंसेवकों ने भी मुंह पर रुमाल बांधे थे.

    इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने इस फ़ोटोग्राफ़ के बारे में लिखी गई लाइनों के बारे में कहा था, "एक फोटो पर लिखा था मानवता की महक और दूसरी तरफ लिखा था राजकीय गंदगी."

    जबकि इन तस्वीरों के नीचे 'चित्रलेखा' के फ़्रंट पेज पर लिखा था "बदबूदार पशुता महकती मानवता".

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    इस बात से ये सवाल उठता है कि क्या नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में इस बात का ज़िक्र करने में ग़लती की?

    इस बार में गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत दयाल ने कहा, "नरेंद्र मोदी जब इस प्रकार की बात करते हैं, तब वो ये बात भूल जाते हैं कि वो देश के प्रधानमंत्री हैं और देश के दिवंगत प्रधानमंत्री के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी कर रहे हैं."

    प्रशांत दयाल ने कहा, "हमारे यहां ऐसी परंपरा है कि हम दिवंगत लोगों के बारे में नकारात्मक टिप्पणी नहीं करते. फिर भी उन्होंने इंदिरा गांधी के बारे में जो टिप्पणी की है वह सच नहीं है और उन्हें जो दिखता है वो लोगों को दिखाते हैं."

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    उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी की जिस दुर्घटना के बारे में बात कर रहे थे, उस दुर्घटना के वक्त वे गुजरात में ही थे. वो उस वक्त स्वयंसेवक थे और उन्हें ये बात अच्छी तरह से पता है कि मच्छू डैम टूटने से कई इंसानों और पशुओं की जान की तबाही हुई थी, जिसके कारण महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया था. उस वक्त सबके लिए मुंह पर रूमाल बांधना अनिवार्य कर दिया गया था और मोरबी में चारों तरफ़ बहुत बदबू फैली हुई थी."

    इस स्थिति में देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिर गांधी ने अपने मोरबी दौरे के दरम्यान अपने मुंह पर अगर रुमाल रखा तो ये बिल्कुल सहज बात थी.

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    प्रशांत दयाल ने कहा, "नरेंद्र मोदी इस बात को राजनैतिक फ़ायदे के लिए जिस तरीके से बता रहे हैं उससे राजनीति का स्तर नीचा हो रहा है. इससे पहले भाजपा और कांग्रेस के किसी भी नेता ने इतने निम्न स्तर की राजनीति गुजरात में नहीं की है."

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    BBC Hindi
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    English summary
    Modi spoke wrongly or wrongly in Gujarat

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