Modi 3.0 Cabinet: PM मोदी की नई सरकार में किस राज्य को कितनी हिस्सेदारी? कौन रह गया खाली?
PM Modi Ministers full list of states: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उनके अलावा कुल 71 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। इनमें 30 कैबिनेट, 5 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्यमंत्री बनाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नए मंत्रिपरिषद में सामान्य वर्ग से 25, ओबीसी से 27, अनुसूचित जाति और जनजाति से 15 और पांच अन्य समुदायों के नेताओं का जगह दी गई है।

गुजरात से कितने मंत्री?
गुजरात से कुल 6 मंत्रियों को जगह मिली है। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हैं, जो कि प्रदेश से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस तरह से 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 6.04 करोड़ आबादी वाले राज्य को इस मंत्रिपरिषद में 4.26% की हिस्सेदारी मिली है। राज्य की 26 लोकसभा सीटों में से इस बार बीजेपी 25 सीटें जीती है।
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ओडिशा से कितने मंत्री?
ओडिशा में भाजपा ने इस बार 21 सीटों में से 20 सीटें जीती हैं। लगभग 4.2 करोड़ की आबादी वाले राज्य को मंत्रिपरिषद में 3 मंत्रियों का प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस तरह से मोदी 3.0 में ओडिशा की हिस्सेदारी 2.13% की रही है।
कर्नाटक को मंत्रिपरिषद में कितनी हिस्सेदारी?
कर्नाटक में 28 सीटें हैं और एनडीए ने 21 सीटें जीती हैं। करीब 6.11 करोड़ जनसंख्या वाले राज्य से 5 नेताओं को मंत्री बनाया गया है। इस तरह से इस सरकार में राज्य को 3.55% का प्रतिनिधित्व मिला है।
महाराष्ट्र से कितने नेताओं को मंत्रिपरिषद में मिली जगह?
महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। एनडीए को यहां कुल 17 सीटें मिली हैं। राज्य से 6 नेताओं को सरकार में जगह दी गई है। इस तरह से 6.11 करोड़ की आबादी वाले राज्य का प्रतिनिधित्व 4.26% रहा है।
मध्य प्रदेश से कितने नेता बने मंत्री?
मध्य प्रदेश में बीजेपी सभी 29 सीटें जीती है। यहां से 5 सांसदों को मंत्री बनाया गया है। इस तरह से लगभग 8.77 करोड़ की आबादी वाले राज्य को इस सरकार में 3.55% का हिस्सा मिला है।
उत्तर प्रदेश से मंत्री बनने वालों की संख्या?
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं। इस बार यहां बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए की सीटें काफी कम हो गई हैं और वह सिर्फ 36 सीटें जीत सका है। लेकिन, राज्य से सबसे ज्यादा 10 नेताओं को मोदी मंत्रिपरिषद में इस बार जगह दी गई है। इस तरह से करीब 24.14 करोड़ की जनसंख्या वाले राज्य की हिस्सेदारी 7.1% की रही है।
बिहार से कितने सांसदों को मिली मंत्रिपरिषद में जगह?
बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं और एनडीए ने यहां 30 सीटें जीती हैं। लेकिन, राज्य से 8 नेताओं को मौका दिया गया है। इस तरह से 13.10 करोड़ से ज्यादा की जनसंख्या वाले राज्य को 5.68% की भागीदारी दी गई है।
राजस्थान से कितने नेता बने मंत्री?
राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें हैं और भाजपा को सिर्फ 14 सीटें मिली हैं। राज्य से 4 मंत्रियों को मोदी मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। इस तरह से 8.36 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाले राज्य को नई सरकार में 2.84% का प्रतिनिधित्व मिला है।
हरियाणा से 3 मंत्री बनाए गए
हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें हैं और बीजेपी 5 सीटें जीती है। 2.53 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले राज्य से 3 नेताओं को मंत्री बनने का मौका मिला है। इस तरह से इस सरकार में इस राज्य की हिस्सेदारी 3.55% की रही है।
केरल से 2 मंत्रियों को मौका
केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं और बीजेपी वहां पहली बार एकमात्र सीट जीत सकी है। लेकिन, इस राज्य से 2 नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई है। इस तरह से 3.34 करोड़ से अधिक वाले राज्य को 1.42% की हिस्सेदारी रही है।
तेलंगाना से भी 2 नेता बने मंत्री
तेलंगाना की 17 सीटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा ने पहली बार 8 सीटें जीत ली हैं। यहां भी दो सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है और इस तरह से 3.50 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या (राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार) वाले इस राज्य की भागीदारी 1.42% की रही है।
तमिलनाडु से कौन बना मंत्री?
तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं और बीजेपी या एनडीए को खाली हाथ रहना पड़ा है। लेकिन, फिर भी 7.2 करोड़ से ज्यादा की जनसंख्या वाले राज्य से 1 नेता को सरकार में जगह दी गई है। इस हिसाब से नई सरकार में राज्य को 0.71% का प्रतिनिधित्व मिला है।
झारखंड से कितने को मंत्री बनने का मौका?
झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं, जिनमें से एनडीए को 9 सीटें मिली हैं। हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह इसी साल यहां भी विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए 4.11 करोड़ की जनसंख्या वाले राज्य से 2 नेताओं को मोदी मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। इस तरह से इस सरकार में राज्य की भागीदारी 1.42% रही है।
छत्तीसगढ़ से 1 नेता को मिला मंत्री बनने का मौका
छत्तीगढ़ की 11 सीटों में से भाजपा ने 10 सीटें जीत ली हैं। यहां के 1 सांसद को नई सरकार में जगह दी गई है। इस तरह से 2.56 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य का प्रतिनिधित्व 0.71% का रहा है।
आंध्र प्रदेश से कितने नेता मंत्री बनाए गए?
आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीटें हैं और एनडीए यहां की 21 सीटें जीत गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार में राज्य से 3 नेताओं को मंत्री बनाया है। इस तरह से इसकी भी हिस्सेदारी 2.13% रही है।
पश्चिम बंगाल से 2 सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह
पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं और भाजपा को सिर्फ 12 सीटें मिल पाई हैं। 9 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य से 2 मंत्रियों को सरकार में जगह दी गई है। इस हिसाब से राज्य की सरकार में हिस्सेदारी 1.42% की रही है।
पंजाब से 1 नेता बने मंत्री
पंजाब में लोकसभा की 13 सीटों में से बीजेपी एक पर भी नहीं जीती है। लेकिन, फिर भी 3 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य से एक मंत्री को सरकार में जगह दी गई है, इस तरह से इसकी हिस्सेदारी 0.71% रही है।
असम से भी 2 नेता बने मंत्री
असम की 14 सीटों में से एनडीए को 10 सीटें मिली हैं। 3.66 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले राज्य को 2 मंत्रियों का प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिससे इसकी हिस्सेदारी मोदी सरकार में 1.42% रही है।
उत्तराखंड से 1 सांसद मंत्री बनाए गए
उत्तराखंड में लोकसभा की सभी 5 सीटें बीजेपी जीती है। 1.01 से ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य से 1 नेता को सरकार में जगह दी गई है, जिससे इसकी हिस्सेदारी 0.71% की होती है।
दिल्ली को भी मंत्रिपरिषद में मिली हिस्सेदारी
दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटें लगातार तीसरी बार भी बीजेपी को मिली हैं। इस बार यहां से 1 सांसद को प्रधानमंत्री मोदी सरकार में जगह दी गई है, जिससे केंद्र सरकार में राज्य की हिस्सेदारी 0.71% रही है।
गोवा से 1 मंत्री
गोवा की 2 लोकसभा सीटों में से 1 पर बीजेपी जीती है और पार्टी सांसद को मंत्रिपरिषद में जगह मिल गई है। इस तरह से करीब 16 लाख की आबादी वाले राज्य का प्रतिनिधित्व 0.71% रही है।
जम्मू और कश्मीर से भी 1 मंत्री
जम्मू और कश्मीर में लोकसभा की 5 सीटों में से भाजपा को 2 सीटें मिली हैं। यहां से 1 सांसद को मंत्री बनाया गया है और उसकी हिस्सेदारी भी 0.71% रही है।
अरुणाचल से भी 1 मंत्री
अरुणाचल प्रदेश की दोनों लोकसभा सीट भाजपा को मिली हैं और किरेन रिजिजू कैबनेट मंत्री बने हैं। इस तरह से इस राज्य की भी हिस्सेदारी 0.71% हो गई है।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले हिमाचल प्रदेश का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन, अब वे गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं।
ये राज्य रह गए खाली हाथ!
इस तरह से अगर राज्यों की बात करें तो इस मंत्रिपरिषद में हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इनमें से हिमाचल से बीजेपी ने सभी 4 और त्रिपुरा से दोनों सीटें जीती हैं।
इनके अलावा चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों का भी कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।












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