मोदी यूएई में, विदेश मंत्रालय में अरब देशों की अनदेखी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने संयुक्त अरब अमीरत के दौरे पर हैं, पर मालूम चला है कि विदेश मंत्रालय में अलग से अरब मामलों को देखने वाला कोई संयुक्त सचिव ही नहीं है।
जानकारों ने बताया कि पाकिस्तान डेस्क को देखने वाले संयुक्त सचिव ही अरब डेस्क को अतिरिक्त रूप से देखते हैं। हालांकि मोदी खाड़ी के धनी देशों से मोटा निवेश चाहते हैं, पर अलग से अरब डेस्क का ना होना हैरान जरूर करता है।
लाखों भारतीय
अकेले संयुक्त अरब अमीरत में करीब 24-25 लाख कुशल-अकुशल भारतीय मजदूर और पेशेवर काम कर रहे हैं। आप यूएई में दुबई से लेकर अबूधाबी कहीं भी चले जाइये आपको हर जगह भारतीय मिलते हैं। वहां पर हर जगह हिन्दी इस तरह से बोली-समझी जाती है कि मानों आप भारत के किसी शहर में हों।
पाक पर फोकस
विदेश मामलों के जानकार कहते हैं कि भारत का सारा विदेश मंत्रालय पूरी तरह से पाकिस्तान सेंट्रिक है। वहां पर पाकिस्तान से हटकर जब बात होती तो वह अमेरिका, चीन या कुछ और देशों पर जाकर सिमट जाती है।
इसके चलते विदेश मंत्रालय में दुनिया के कई हिस्सों की अनदेखी होती रही है। इनमें अरब के अलावा अफ्रीका भी है। अप्रीका में भारतीय मूल के लोग लंबे समय से बसे हैं। उनके कई मसले हैं।
पर उन्हें कोई सुनने वाला नहीं है। यही हालात अरब देशों को लेकर भी कहे जा सकते हैं। अरब देशों में बारतीय श्रमिकों को बहुत से मामलों में बेहद खराब हालातों में काम करना पड़ता है, पर उनकी व्यथा कोई नहीं सुनता।













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