संसद के मानसून सत्र में पेश हो सकता है समान नागरिक संहिता विधेयक, मोदी सरकार कर रही तैयारी
देश में समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा का दौर जारी है। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही कि मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में UCC विधेयक को पेश कर सकती है। इसके लिए तैयारी की जा रही। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने इसको लेकर कुछ बैठकें भी की थीं।
उच्च सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार अगले महीने शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विधेयक पेश कर सकती है। इस विधेयक को संसदीय स्थायी समिति को भी भेजा जा सकता है, जो समान नागरिक संहिता पर विभिन्न हितधारकों की राय सुनेगी।

3 जुलाई को अहम बैठक
विधि आयोग पहले से ही इस मामले में सक्रिय है। उन्होंने काफी वक्त पहले इस मामले में लोगों से सुझाव मांगा था, जिस पर विचार किया जा रहा। इसके अलावा 3 जुलाई को संसदीय समिति की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सांसदों की राय जानी जाएगी।
पीएम मोदी ने कही थी ये बात
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के दौरे पर गए थे। वहां पर उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने यूसीसी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर आपके परिवार में एक सदस्य के लिए एक कानून और दूसरे के लिए दूसरा कानून हो तो वो घर कैसे चलेगा। पीएम मोदी ने आरोप लगाया था कि कुछ राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए मुसलमानों को भड़का रहे हैं।
क्या है समान नागरिक संहिता?
भारत में कई धर्म के लोग रहते हैं। ऐसे में हर धर्म के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ है। उदाहरण के तौर पर हिंदुओं में तलाक के लिए अगल नियम हैं, जबकि मुसलमानों में अलग। सरकार दावा कर रही कि वो समान नागरिक संहिता लाने जा रही। जिसके तहत सभी धर्म के लिए एक ही नियम होगा। इसमें शादी, तलाक, जमीन का बंटवारा, उत्तराधिकारी, बच्चे गोद लेना आदि शामिल है।












Click it and Unblock the Notifications