जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच केंद्र ने LG की बढ़ाई ये शक्तियां, जानें क्या होगा असर
Jammu and Kashmir lg Powers increased: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) को दिए जाने वाले अधिकारों में इजाफा किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत नियमों में संशोधन के माध्यम से एलजी की शक्तियों को बढ़ाया है।
राज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने जाने पर एक बार फिर केंद्र सरकार विपक्षी कांग्रेस के निशाने पर आ चुकी है। आइए जानते हैं केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को क्या नई शक्तिायां दी हैं और इसके पीछे भाजपा की क्या मंशा है?

बता दें गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 55 के तहत संशोधित नियम जारी किए। इन संशोधनों में नए खंड शामिल हैं जो एलजी को विस्तारित शक्तियां प्रदान करते हैं
जम्मू-कश्मीर एलजी को मिली ये नई शक्तियां
केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गए नए नियम उपराज्यपाल को पुलिस, आईएएस और आईपीएस जैसे अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों से संबंधित निर्णयों और विभिन्न मामलों में अभियोजन (Prosecution) को मंजूरी देने पर अधिक नियंत्रण देते हैं।
ये बदलाव जम्मू-कश्मीर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के साथ-साथ अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के हिस्से के रूप में किए गए।
मोदी सरकार की क्या ये मंशा है?
केंद्र सरकार के इस कदम से संकेत मिलता है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द नहीं मिल सकता। दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर को भी केंद्रशासित प्रदेश ही रखना चाहती है और राज्यपाल के जरिए भविष्य में वहां पर सरकारी तंत्र और सत्ता की लगाम अपने हाथ में रखना चाहती हैं। केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद चर्चा होनी शुरू हो चुकी है कि जम्मू-कश्मीर कब भारत के एक पूर्ण राज्य के रूप में वापस आएगा या नहीं।
कांग्रेस ने भी जताई ये आशंका
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा इस अधिसूचना से केवल यही अर्थ निकाला जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर को निकट भविष्य में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना संभव नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों के बीच इस बात पर आम सहमति जताई कि जम्मू-कश्मीर को तुरंत अपना पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिल जाना चाहिए।
राज्य के दर्जे देना का पीएम मोदी ने किया था वादा
रमेश ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भी पहले कहा था कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिए जाने के बाद यह वादा किया गया था।
चुनाव करवाने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया है आदेश
कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने ये भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर, 2024 तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुनाव अनिवार्य कर दिए हैं।












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